जेल में बंद पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की हालत नाजुक, पीजीआई में कराना पड़ा भर्ती, हार्ट अटैक की आशंका

Curated By: shivnowup | Hindi Now Uttar Pradesh • 08 Jan 2026, 10:47 am
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पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की तबीयत देवरिया जेल में बिगड़ने के बाद गोरखपुर से SGPGI लखनऊ रेफर की गई। कार्डियोलॉजी विभाग में इलाज जारी है। जमानत और रिमांड कैंसिल की अर्जी खारिज हो चुकी है।

पूर्व आईपीएस अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की तबीयत लगातार गंभीर बनी हुई है। बुधवार देर रात उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से लखनऊ स्थित SGPGI रेफर किया गया। फिलहाल उनका इलाज SGPGI के कार्डियोलॉजी विभाग में चल रहा है, जहां चार डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, हार्ट अटैक की आशंका को देखते हुए सभी जरूरी जांचें दोबारा कराई जा रही हैं।


देवरिया जेल में बिगड़ी थी अचानक तबीयत
मंगलवार देर रात देवरिया जेल में बंद अमिताभ ठाकुर की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें सीने में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई। जेल प्रशासन ने तत्काल उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां से स्थिति गंभीर देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। गोरखपुर में प्रारंभिक जांच के दौरान हार्ट अटैक की आशंका जताई गई थी। हालांकि बुधवार को कराई गई ट्रोप-आई जांच में हार्ट अटैक की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बावजूद ECG रिपोर्ट काफी खराब आने पर डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर SGPGI लखनऊ रेफर कर दिया।


जमानत और रिमांड कैंसिल की अर्जी खारिज
इसी बीच, अमिताभ ठाकुर की ओर से रिमांड कैंसिल कराने के लिए दी गई अर्जी को बुधवार को CJM मंजू कुमारी ने खारिज कर दिया। अदालत के आदेश के अनुसार उन्हें 21 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा। इससे पहले मंगलवार को उनकी जमानत याचिका पर CJM कोर्ट में सुनवाई हुई थी, जहां दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी। पेशी के बाद उन्हें दोपहर करीब तीन बजे जेल वापस भेज दिया गया था। बताया गया कि रात करीब 9:30 बजे उन्होंने भोजन किया और उसके बाद लिखने-पढ़ने में लगे रहे, लेकिन आधी रात को अचानक सीने में तेज दर्द उठा।


पुराने मामलों और राजनीतिक गतिविधियों से रहा है विवादों से नाता
अमिताभ ठाकुर पर देवरिया के औद्योगिक क्षेत्र में पत्नी के नाम प्लॉट आवंटन से जुड़े मामले में गंभीर आरोप हैं। सितंबर 2025 में इस मामले में लखनऊ के तालकटोरा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान देवरिया सदर कोतवाली में भी केस दर्ज किया गया। पुलिस ने 10 दिसंबर को शाहजहांपुर से उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इसके अलावा बसपा सांसद अतुल राय प्रकरण में आत्मदाह करने वाली पीड़िता के मामले में भी अमिताभ ठाकुर पर गंभीर आरोप लग चुके हैं। अगस्त 2021 में उन्होंने आजाद अधिकार सेना नाम से राजनीतिक पार्टी बनाई थी और सरकार के कई फैसलों पर मुखर आलोचना करते रहे हैं।


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