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shivnowup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 09 Jan 2026, 02:29 pm
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में शुक्रवार को उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव अचानक अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ परिसर पहुंच गईं। अपर्णा यादव लव जिहाद, यौन शोषण और धर्मांतरण के आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन नाइक उर्फ रमीज मलिक के मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंची थीं। हालांकि KGMU पहुंचने पर उन्हें कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद का चैंबर अंदर से बंद मिला। काफी देर तक चैंबर नहीं खुलने पर उनके साथ आए समर्थकों का गुस्सा भड़क उठा और हंगामा शुरू हो गया।
VC चैंबर के बाहर नारेबाजी और जबरन प्रवेश
अपर्णा यादव के समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने कुलपति कार्यालय के गेट पर जोर-जोर से दस्तक दी और नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान “जय श्रीराम” के नारे लगाए गए और आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी गूंजते रहे। हंगामा बढ़ने पर समर्थकों ने गेट पीटना शुरू कर दिया और काफी देर बाद गेट जबरन खुलवाकर अंदर प्रवेश कर गए। बताया जा रहा है कि इससे पहले इसी प्रकरण को लेकर कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद दोपहर करीब 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुकी थीं। अपर्णा यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस पहले महिला आयोग कार्यालय में प्रस्तावित थी, लेकिन ऐन वक्त पर उन्होंने स्थान बदलते हुए KGMU जाने का फैसला किया।
पीड़ित महिला डॉक्टर की सुसाइड की कोशिश से उठा मामला
यह पूरा मामला KGMU की एक महिला डॉक्टर से जुड़ा है, जो एमडी पैथालॉजी की छात्रा है। पीड़िता ने 17 दिसंबर को दवा की ओवरडोज लेकर आत्महत्या की कोशिश की थी। गंभीर हालत में उसे KGMU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था और 19 दिसंबर को डिस्चार्ज किया गया। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि आरोपी डॉक्टर रमीज ने उनकी बेटी को प्रेमजाल में फंसाकर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। आरोप है कि रमीज पहले से शादीशुदा है और फरवरी में एक हिंदू लड़की का धर्मांतरण कर उससे शादी कर चुका है।
विशाखा कमेटी की रिपोर्ट, आरोपी पर सख्त कार्रवाई
पीड़िता के पिता की शिकायत पर राज्य महिला आयोग और मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया। 24 दिसंबर को विशाखा कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद KGMU प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया और परिसर में उसके प्रवेश पर रोक लगा दी। उसके खिलाफ FIR भी दर्ज की गई। शुक्रवार को कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने स्पष्ट किया कि विशाखा कमेटी की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आरोपी डॉक्टर को KGMU से निष्कासित किया जाएगा। इसके लिए DGME को पत्र भेजा जा रहा है।
धर्मांतरण की जांच के लिए अलग समिति
KGMU में कथित धर्मांतरण और कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच के लिए सात सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है, जिसमें पूर्व डीजीपी भावेश भी शामिल हैं। कमेटी ने कई रेजिडेंट डॉक्टरों, सामाजिक संगठनों और अधिवक्ताओं के बयान दर्ज किए हैं। KGMU प्रशासन ने एक ईमेल आईडी जारी कर बिना नाम बताए शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी दी है। फिलहाल आरोपी डॉक्टर फरार है, उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और जांच जारी है।
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