KGMU लव जिहाद मामले में बड़ा खुलासा, आरोपी डॉक्टर रमीज के निकले IRF से कनेक्शन, मामला जान दंग रह जाएंगे आप!

Curated By: shivnowup | Hindi Now Uttar Pradesh • 08 Jan 2026, 12:13 pm
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केजीएमयू में महिला रेजिडेंट के यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास के मामले में आरोपी डॉक्टर रमीज के जाकिर नाइक और प्रतिबंधित आईआरएफ से कनेक्शन सामने आए हैं। विशाखा समिति ने आरोपी को दोषी माना है, पुलिस कार्रवाई कर रही है।

केजीएमयू में महिला रेजिडेंट डॉक्टर के यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक के संबंध प्रतिबंधित संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। आईआरएफ का संचालन विवादित धर्म प्रचारक डॉ. जाकिर नाइक करता है, जो लंबे समय से भारत से फरार है। यह संस्था धर्मांतरण गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के बाद प्रतिबंधित की जा चुकी है। मामले में सामने आए नए तथ्यों के बाद केजीएमयू प्रशासन से लेकर खुफिया एजेंसियों तक हलचल तेज हो गई है।


जाकिर नाइक से कनेक्शन आने के बाद बढ़ी जांच की रफ्तार
सूत्रों के मुताबिक, डॉ. रमीज सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ा हुआ था और डॉ. जाकिर नाइक के भाषणों से प्रभावित पाया गया है। बताया जा रहा है कि जाकिर नाइक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता रहा है। महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के मामलों में उसका नाम सामने आ चुका है, जहां कथित तौर पर लोगों को मोटी रकम भी दी गई थी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि नाइक से जुड़े कुछ करीबी लोग आरोपी डॉक्टर को शरण दे सकते हैं। इसी एंगल पर अब डॉ. रमीज के मोबाइल फोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया कनेक्शन की गहन जांच की जा रही है।


कुर्की का नोटिस, फरार आरोपी की तलाश तेज
लखनऊ पुलिस ने गुरुवार को पीलीभीत के न्यूरिया कस्बे और उत्तराखंड के खटीमा स्थित आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक के पैतृक घरों के बाहर कुर्की का नोटिस चस्पा किया। करीब एक घंटे चली इस कार्रवाई के बाद पुलिस टीम वापस लौटी। वहीं, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने साफ कहा है कि आरोपी को पाताल से भी खोजकर निकाला जाएगा। उनका कहना है कि आयोग की सक्रियता के चलते पीड़िता को न्याय की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।


विशाखा समिति की रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न साबित
केजीएमयू की विशाखा समिति ने मामले की जांच पूरी कर ली है। समिति की रिपोर्ट में डॉ. रमीज को यौन उत्पीड़न का दोषी पाया गया है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन आरोपी का दाखिला निरस्त करने के लिए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) को पत्र भेजने की तैयारी में है। इससे पहले प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपी रेजिडेंट को निलंबित कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट से पहले विभाग के सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए थे, हालांकि आरोपी बयान देने नहीं पहुंचा। फिलहाल आरोपी के मददगारों की भूमिका की जांच जारी है और कुछ प्रोफेसरों पर भी संदेह जताया गया है।


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