साइबर जागरूकता पर आधारित शुभम त्रिपाठी की पुस्तक “साइबर सजग” का हुआ विमोचन

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 10 Mar 2026, 06:15 pm
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लखनऊ में साइबर जागरूकता पर आधारित पुस्तक “साइबर सजग” का विमोचन सूचना एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने किया।

डिजिटल दौर में जहां इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, वहीं साइबर अपराधों के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। लोगों को इन खतरों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लिखी गई पुस्तक “साइबर सजग” का विमोचन लखनऊ में किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने शासकीय कार्यालय में इस पुस्तक का औपचारिक लोकार्पण किया। इस मौके पर लेखक शुभम त्रिपाठी समेत कई लोग मौजूद रहे।


कार्यक्रम के दौरान मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने लेखक को बधाई देते हुए कहा कि आज के समय में साइबर सुरक्षा बेहद अहम विषय बन चुका है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में समाज को जागरूक करना बहुत जरूरी है ताकि लोग ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी से खुद को बचा सकें। मंत्री ने कहा कि “साइबर सजग” जैसी किताबें लोगों को सही जानकारी देकर उन्हें सतर्क बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।


पुस्तक के लेखक शुभम त्रिपाठी ने बताया कि इस किताब को लिखने का मकसद आम नागरिकों, छात्रों, अभिभावकों और युवाओं को साइबर अपराधों के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग जानकारी के अभाव में ऑनलाइन ठगी या धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। अगर लोगों को पहले से इन खतरों के बारे में जानकारी हो तो वे आसानी से ऐसे अपराधों से बच सकते हैं।


उन्होंने बताया कि पुस्तक में साइबर अपराध के कई रूपों को आसान और सरल भाषा में समझाया गया है। इसमें ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल, डिजिटल पेमेंट से जुड़ी सुरक्षा, मजबूत पासवर्ड बनाने के तरीके, साइबर कानून और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया जैसी अहम जानकारियां शामिल की गई हैं। कोशिश यह रही है कि किताब ऐसी भाषा में लिखी जाए जिसे आम पाठक भी आसानी से समझ सकें।


इसके अलावा पुस्तक में कुछ बेहद उपयोगी जानकारी भी दी गई है, जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर, जरूरी वेबसाइट्स और एक त्वरित सुरक्षा चेकलिस्ट। लेखक का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है तो इन जानकारियों की मदद से वह तुरंत सही कदम उठा सकता है और समय रहते शिकायत भी दर्ज करा सकता है।


लेखक शुभम त्रिपाठी तकनीकी, प्रबंधन और विधि के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बीटेक (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग), एमबीए (आईटी और मार्केटिंग) और एलएलबी की पढ़ाई की है। इसके साथ ही उन्होंने साइबर लॉ में पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है। वे ग्रामीण विकास फाउंडेशन के संस्थापक भी हैं और इस संस्था के माध्यम से ग्रामीण विकास, डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा जागरूकता के क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी इस पुस्तक की सराहना की और इसे समय की जरूरत बताया। उनका कहना था कि डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए ऐसी किताबें समाज के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती हैं। -सह-संपादक आशीष शुक्ला की रिपोर्ट।


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