सपा को राष्ट्रीय पार्टी बनाने की तैयारी, असम चुनाव से अखिलेश यादव का बड़ा सियासी प्लान!

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 10 Mar 2026, 04:18 pm
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समाजवादी पार्टी अब उत्तर प्रदेश से बाहर अपने संगठन का विस्तार करने की रणनीति पर काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी असम विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है।

समाजवादी पार्टी को लंबे समय से एक क्षेत्रीय पार्टी के रूप में देखा जाता रहा है, जिसका प्रभाव मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश तक सीमित माना जाता है। लेकिन अब पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव इस छवि को बदलने की दिशा में कदम बढ़ाते दिखाई दे रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सपा अब राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी कर रही है।


सपा का फोकस अब यूपी से बाहर

सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी अब अपनी राजनीति को उत्तर प्रदेश से बाहर ले जाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी क्रम में पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि सपा वहां कम से कम पांच सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। माना जा रहा है कि इस फैसले की औपचारिक घोषणा आने वाले समय में की जा सकती है। पार्टी का मानना है कि असम जैसे राज्य में चुनाव लड़ने से उसे नए क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा।


कुछ खास क्षेत्रों पर रहेगी नजर

पार्टी सूत्रों का कहना है कि सपा असम के उन इलाकों पर ज्यादा ध्यान दे रही है जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक है। रणनीति यह है कि इन क्षेत्रों में मजबूत उम्मीदवार उतारकर पार्टी एक स्थायी राजनीतिक आधार तैयार कर सके। सपा नेताओं का मानना है कि अगर इन सीटों पर अच्छा प्रदर्शन होता है तो यह पार्टी के विस्तार के लिए एक अहम कदम साबित हो सकता है। इससे न केवल असम में संगठन मजबूत होगा बल्कि अन्य राज्यों में भी पार्टी के लिए रास्ते खुल सकते हैं।


राष्ट्रीय पार्टी बनने की दिशा में कदम

अखिलेश यादव कई बार सार्वजनिक मंचों पर यह कह चुके हैं कि उनका लक्ष्य समाजवादी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर की ताकत बनाना है। फिलहाल लोकसभा में सीटों के लिहाज से समाजवादी पार्टी देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी मानी जाती है। पार्टी के पास वर्तमान में 37 सांसद हैं, लेकिन ये सभी सांसद उत्तर प्रदेश से चुने गए हैं। यही वजह है कि अन्य राज्यों में संगठनात्मक विस्तार सीमित होने के कारण समाजवादी पार्टी को अभी तक राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा नहीं मिल पाया है।


राष्ट्रीय पार्टी बनने के नियम

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार किसी भी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं। इनमें लोकसभा या विधानसभा चुनाव में कम से कम चार राज्यों में कुल वैध वोटों का न्यूनतम छह प्रतिशत हासिल करना जरूरी होता है। इसके अलावा लोकसभा में कम से कम चार सीटें होना या तीन अलग-अलग राज्यों से कुल सीटों का कम से कम दो प्रतिशत यानी 11 सीटें जीतना भी जरूरी माना जाता है।


दूसरे राज्यों में बढ़ रही सपा की मौजूदगी

समाजवादी पार्टी ने पिछले कुछ समय में अन्य राज्यों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश की है। फिलहाल महाराष्ट्र में पार्टी के दो विधायक हैं जबकि गुजरात में भी एक विधायक है। हालांकि यह संख्या अभी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जाती। यही वजह है कि पार्टी अब दूसरे राज्यों में संगठन को मजबूत करने की दिशा में ज्यादा सक्रिय दिखाई दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम विधानसभा चुनाव में उतरने का फैसला सपा के लिए एक रणनीतिक कदम हो सकता है। अगर पार्टी यहां अच्छा प्रदर्शन करती है तो यह राष्ट्रीय राजनीति में उसकी भूमिका को मजबूत कर सकता है। फिलहाल इतना जरूर कहा जा रहा है कि अखिलेश यादव अब लंबी राजनीतिक पारी खेलने की तैयारी में दिखाई दे रहे हैं। असम में चुनाव लड़ने की रणनीति को उसी दिशा में उठाया गया एक अहम कदम माना जा रहा है। - सह-संपादक आशीष शुक्ला की रिपोर्ट।


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