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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 10 Mar 2026, 01:07 pm
गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना के निर्माण की प्रक्रिया अब आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इसके लिए जरूरी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह एक्सप्रेसवे बरेली जिले के नवाबगंज और बहेरी तहसील के कुल 68 गांवों से होकर गुजरेगा। परियोजना के तहत चयनित गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के बनने से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी काफी बेहतर हो जाएगी और लोगों को तेज और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।
68 गांवों में शुरू हुआ भूमि अधिग्रहण
अधिकारियों के अनुसार परियोजना के लिए “3ए” प्रक्रिया के तहत भूमि अधिग्रहण शुरू कर दिया गया है। बरेली जिले में कुल 68 गांव इस परियोजना के दायरे में आए हैं। इनमें नवाबगंज तहसील के 34 गांव और बहेरी तहसील के 34 गांव शामिल हैं। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित किसानों को तय नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से स्थानीय इलाकों में विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही परिवहन और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
दो हिस्सों में होगा निर्माण कार्य
अधिकारियों के मुताबिक परियोजना के तहत नवाबगंज के 17 गांवों में निर्माण कार्य की जिम्मेदारी NHAI बरेली को दी गई है। वहीं बाकी 51 गांवों में निर्माण कार्य की निगरानी NHAI मुरादाबाद करेगा। परियोजना को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने इसे कुशीनगर तक विस्तार देने की मंजूरी भी दे दी है। इसके पूरा होने पर गोरखपुर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सड़क संपर्क पहले से कहीं ज्यादा तेज और सुगम हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे से यात्रा का समय कम होगा और माल परिवहन भी आसान हो जाएगा, जिससे व्यापार और उद्योग को भी बड़ा फायदा मिल सकता है।
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