यूपी में मंगलवार को अचानक बढ़ी धुंध, 3 हादसों में 7 गाड़ियां भिड़ीं, शाहजहांपुर में कार और बस की टक्कर में तीन की मौत

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 11 Mar 2026, 12:35 pm
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उत्तर प्रदेश में मार्च में ही गर्मी का असर बढ़ने लगा है। कई शहरों में तापमान 38 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि धुंध के कारण सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत और कई घायल हुए हैं। मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवाओं की भी संभावना जताई है।

उत्तर प्रदेश में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। बुधवार सुबह लखनऊ, कानपुर समेत करीब 15 शहरों में घनी धुंध छाई रही, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रयागराज में दृश्यता घटकर मात्र 30 मीटर रह गई, जबकि बरेली में भी दृश्यता करीब 100 मीटर दर्ज की गई। लगातार दूसरे दिन धुंध की स्थिति देखने को मिली। धुंध और कम दृश्यता के कारण प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सड़क हादसे भी हुए। तीन अलग-अलग दुर्घटनाओं में कुल सात वाहन आपस में टकरा गए। इन हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल हो गए। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है।


धुंध के कारण कई जिलों में सड़क हादसे

शाहजहांपुर में हाईवे पर बस और अर्टिगा कार के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर के बाद शव कार में ही फंस गए थे, जिन्हें पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। उन्नाव में आगरा एक्सप्रेस-वे पर चार वाहन आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में दस लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि एक ट्रेलर चालक को झपकी आ गई, जिससे वाहन रेलिंग तोड़ते हुए दूसरी लेन में पहुंच गया। धुंध के कारण पीछे आ रहा ट्राला उससे टकरा गया। इसके बाद बस और पिकअप भी आपस में भिड़ गए। प्रतापगढ़ में तेज रफ्तार एसयूवी कार मोड़ पर धुंध के कारण पलट गई। इस दुर्घटना में कार में सवार सभी सात लोग घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।


कई शहरों में धुंध, मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया

प्रदेश के कई शहरों में बुधवार सुबह धुंध का असर देखा गया। लखनऊ में सुबह के समय दृश्यता कम रही और अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री दर्ज किया गया। कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में दृश्यता लगभग 30 मीटर तक रह गई, जबकि वाराणसी में सुबह से हल्की धुंध और बादल छाए रहे। प्रयागराज में भी आसमान में धुंध का असर दिखाई दिया और अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री रहने का अनुमान है। गोरखपुर, गाजियाबाद, बरेली, जालौन, संभल, सहारनपुर और सीतापुर में भी धुंध और बादलों का असर देखा गया। कई जगहों पर हवा में नमी के कारण सुबह कोहरे जैसे हालात बने रहे। मौसम विभाग ने पूर्वांचल के कुछ जिलों में हल्की बारिश और 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। पिछले 24 घंटों में बांदा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बढ़ते तापमान और हवा में नमी की वजह से सुबह धुंध और दिन में हल्का धुंधलापन देखने को मिल रहा है।


गर्मी बढ़ने से फसलों और सेहत पर असर की आशंका

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। 15 मार्च के आसपास मौसम में बदलाव हो सकता है और कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। वहीं कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती गर्मी का असर रबी की फसलों, खासकर गेहूं पर पड़ सकता है। अधिक तापमान के कारण दाने पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते, जिससे पैदावार कम होने की आशंका रहती है। विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ती गर्म हवाएं सरसों, चना और मटर जैसी फसलों के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। खेतों की मिट्टी जल्दी सूखने से सिंचाई की जरूरत बढ़ जाती है और किसानों की लागत भी बढ़ती है।


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