केजीएमयू केस में बड़ा खुलासा, छांगुर से जुड़ा कनेक्शन, खुद परिवार ने खोला राज, जानें पूरा मामला

Curated By: shivnowup | Hindi Now Uttar Pradesh • 07 Jan 2026, 10:55 am
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केजीएमयू रेजिडेंट डॉक्टर यौन शोषण केस में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी डॉ. रमीज का धर्मांतरण गिरोह के सरगना छांगुर से कनेक्शन सामने आया है। पुलिस कॉल डिटेल, विदेश संपर्क और धर्मांतरण के बदले रकम के एंगल से जांच कर रही है।

केजीएमयू की महिला रेजिडेंट डॉक्टर के यौन शोषण और धर्मांतरण के दबाव के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. रमीज मलिक धर्मांतरण गिरोह के सरगना बलरामपुर निवासी छांगुर से प्रभावित था। सोमवार को गिरफ्तार किए गए रमीज के माता-पिता ने पूछताछ में बताया कि छांगुर के पकड़े जाने के बाद से ही रमीज लगातार परेशान था। पुलिस अब रमीज और छांगुर के बीच कनेक्शन की गहराई से छानबीन कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।


मौलवी के जरिए हुई थी छांगुर से मुलाकात
सूत्रों के मुताबिक डॉ. रमीज की मुलाकात छांगुर से एक मौलवी के माध्यम से कराई गई थी। यही मौलवी पीड़िता पर भी धर्मांतरण का दबाव बना रहा था। चौक पुलिस ने इस एंगल को गंभीर मानते हुए खुफिया एजेंसियों को भी जानकारी दे दी है। जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले एक साल में रमीज कहां-कहां गया, किन लोगों से मिला और किनसे संपर्क में रहा, इसका पूरा ब्यौरा खंगाला जा रहा है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड से कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस को रमीज के विदेश में कुछ संदिग्ध लोगों से बातचीत के भी साक्ष्य मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद रमीज विदेश फरार हो गया। हालांकि उसकी आखिरी लोकेशन लखनऊ की ही मिली थी, इसके बाद से फोन बंद है।


काजी की तलाश, गिरोह के बड़े खुलासे की उम्मीद
पुलिस सूत्रों का कहना है कि रमीज ने साजिश के तहत पहले भी एक महिला का धर्मांतरण कराया था। इस मामले में पुलिस ने रमीज के पिता सलीमुद्दीन और मां खदीजा को गिरफ्तार कर लिया है। अब पीलीभीत निवासी निकाह कराने वाले काजी सैय्यद जाहिद हसन की तलाश तेज कर दी गई है। माना जा रहा है कि काजी की गिरफ्तारी के बाद पूरे धर्मांतरण गिरोह की परतें खुलेंगी। यह भी जांच की जा रही है कि काजी ने अब तक कितनी महिलाओं का धर्मांतरण कराया है। वहीं, धर्मांतरण के गवाह बताए जा रहे शारिक खान की तलाश में पुलिस की एक टीम लगातार दबिश दे रही है।


गिरफ्तारी न होने पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
आरोपी डॉ. रमीज की अब तक गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने रमीज को हिरासत में नहीं लिया, जबकि वह केजीएमयू परिसर में मौजूद था। इसी दौरान वह मौका पाकर फरार हो गया। इस लापरवाही को लेकर कई संगठनों ने नाराजगी जताई है। उधर, जांच में सामने आया है कि रमीज अन्य धर्म की करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था। कॉल डिटेल में ड्यूटी के बाद भी लंबी बातचीत के सबूत मिले हैं। चर्चा है कि एक दिल्ली निवासी रेजिडेंट डॉक्टर का धर्मांतरण कराने के बदले रमीज को करीब 15 लाख रुपये मिले थे, जबकि नॉन-मेडिको के धर्मांतरण पर पांच लाख रुपये मिलते थे। पुलिस इस पूरे आर्थिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है।


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