Curated By:
Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 17 Dec 2025, 06:48 pm
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ से एक महिला आयुष चिकित्सक का नकाब हटाने के मामले को लेकर दिए गए उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद के बयान पर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। संजय निषाद ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा था कि “कहीं और छू लेते तो क्या होता”? उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अपने बयान को लेकर उन्होंने सफाई भी दी, लेकिन इसके बावजूद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नाराजगी बनी हुई है। अब इस पूरे प्रकरण पर राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने संजय निषाद से तत्काल माफी मांगने को कहा है।
बाराबंकी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अपर्णा यादव ने संजय निषाद के बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म, जाति या वर्ग की महिला के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। चाहे व्यक्ति मंत्री हो या आम नागरिक, महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में सभी को मर्यादा का पालन करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी के बयान से महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची है तो उसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
मीडिया में बने रहने के लिए कांग्रेस नेता करते हैं बयानबाजी
अपर्णा यादव ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि कांग्रेस का राजनीतिक तर्पण हो चुका है। उनके मुताबिक, कांग्रेस के नेता सिर्फ मीडिया में बने रहने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं और जनता के वास्तविक मुद्दों से उनका कोई सरोकार नहीं रह गया है। दरअसल, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव बुधवार दोपहर करीब 12 बजे बाराबंकी जिला महिला अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंची थीं। उन्होंने सबसे पहले लेबर रूम में जाकर वहां की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद टीकाकरण कक्ष, बाल रोग वार्ड और ओपीडी का निरीक्षण कर महिलाओं और बच्चों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।
महिला अस्पताल में बने हेल्पडेस्क का किया निरीक्षण
अपर्णा यादव ने महिला अस्पताल में बने हेल्पडेस्क का भी निरीक्षण किया, जहां मरीजों की काउंसलिंग और ऑनलाइन रिपोर्टिंग की प्रक्रिया का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद उन्होंने एसएनसीयू वार्ड पहुंचकर वहां भर्ती नवजात शिशुओं के इलाज और देखभाल की व्यवस्था की जानकारी स्टाफ से ली। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बेड की संख्या कम थी, लेकिन महिला आयोग की सिफारिश पर 9 अतिरिक्त बेड बढ़ाए गए, जिससे मरीजों को काफी राहत मिली है।
बेटियों को जन्म देने वाली महिलाओं से की मुलाकात
इसके बाद अपर्णा यादव मेटरनिटी वार्ड पहुंचीं, जहां उन्होंने बेटियों को जन्म देने वाली माताओं से मुलाकात की और उन्हें कंबल वितरित किए। उन्होंने महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पहली बेटी या दो बेटियों के जन्म पर सरकार 25 हजार रुपये की सहायता दे रही है। साथ ही कन्या सुमंगला योजना के तहत आवेदन कर लाभ उठाने की अपील की।
निरीक्षण के बाद अपर्णा यादव ने कहा कि जिला महिला अस्पताल की साफ-सफाई और सुविधाओं को लेकर मरीजों से मिला फीडबैक संतोषजनक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सीएमएस से चर्चा कर आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद उन्होंने महिला बंदियों और संप्रेषण गृह में किशोरियों से मिलने का भी कार्यक्रम तय किया।
यह भी पढ़ें- राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल का मुख्यमंत्री योगी ने किया निरीक्षण, पीएम के आने से पहले सीएम ने लिया तैयारियों का जायजा