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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 13 Feb 2026, 03:54 pm
शुक्रवार को लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, मेरठ और मिर्जापुर की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। सरकारी ई-मेल आईडी पर भेजे गए धमकी भरे संदेश का पता चलते ही सभी कोर्ट परिसरों को एहतियातन खाली करा दिया गया और सुनवाई की कार्रवाई अस्थायी रूप से रोक दी गई। कई जगहों पर वकीलों और वादकारियों को तुरंत बाहर निकालकर सुरक्षा घेरे में लिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सभी जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पूरे परिसर की गहन जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।
धमकी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट
धमकी भरे ई-मेल के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी प्रभावित अदालत परिसरों को खाली करवा दिया। वाराणसी में हजारों वकील और वादकारी जल्दबाजी में परिसर छोड़कर बाहर निकल गए, जबकि जिला जज समेत कई अधिकारी भी बाहर आ गए। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने एक-एक कमरे, पार्किंग और सार्वजनिक स्थानों की बारीकी से जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि सभी मेल का पैटर्न लगभग एक जैसा है, जिससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि यह सुनियोजित तरीके से एक साथ भेजे गए संदेश हो सकते हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां मेल के स्रोत और भेजने वाले का पता लगाने में जुटी हैं।
अदालतों में रोकी गई कार्यवाही, सुरक्षा घेरे में जांच जारी
सुरक्षा कारणों से कई अदालतों में प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया गया और सुनवाई की तारीखें आगे बढ़ाने की अपील की गई। अयोध्या में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा जांच पूरी होने तक सामान्य कामकाज रोक दिया गया है। पुलिस ने अदालत परिसरों के आसपास भी कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आतंकवाद निरोधक दस्ता एटीएस और विशेष कार्य बल एसटीएफ को भी जांच में शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन पूरी सतर्कता के साथ तलाशी जारी रखी गई।
अफवाहों से बचने की अपील, ई-मेल की हो रही तकनीकी जांच
अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की है। अदालत परिसरों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके। साइबर विशेषज्ञ भी ई-मेल की तकनीकी जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदेश कहां से भेजे गए और इसके पीछे किसका हाथ है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई हैं।
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