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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 13 Feb 2026, 12:12 pm
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को सत्ता और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और धार्मिक सम्मान जैसे विषयों को लेकर सदन का माहौल कई बार गरमाया, जिसके चलते कार्यवाही भी प्रभावित हुई। चर्चा के दौरान सरकार की ओर से नियुक्तियों, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई का पक्ष रखा गया, जबकि विपक्ष ने युवाओं, किसानों और आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पूरे दिन चले घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया है।
बेरोजगारी पर गरमाया सदन, नियुक्तियों पर सरकार का जवाब
सदन में समाजवादी पार्टी की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवाओं को समय पर भर्तियों और सही जानकारी का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रियाओं में देरी युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही है। इस पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जवाब देते हुए कहा कि आयोगों द्वारा भर्ती का पूरा कैलेंडर जारी किया जाता है और 2017 के बाद से हजारों पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं, जिनमें आरक्षण नियमों का पालन भी किया गया है। जवाब के दौरान विपक्षी सदस्यों ने असंतोष जताया और सदन में शोर-शराबा बढ़ गया, जिसके कारण कार्यवाही कुछ देर के लिए बाधित रही।
कानून व्यवस्था और शंकराचार्य मुद्दे पर टकराव तेज
प्रयागराज में धार्मिक कार्यक्रम से जुड़े विवाद को लेकर भी सदन में बहस छिड़ी। विपक्ष ने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ प्रशासनिक स्तर पर उचित व्यवहार नहीं किया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। वहीं सरकार पक्ष ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक नेता को रोकने का प्रश्न नहीं उठता और विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहा है। कानून व्यवस्था पर भी विपक्ष ने कई घटनाओं का जिक्र किया, जबकि सरकार ने जवाब देते हुए बताया कि संबंधित मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है।
आज मुख्यमंत्री दे सकते हैं चर्चा का जवाब
विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जवाब दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण योजनाओं को लेकर विपक्ष की आलोचना को निराधार बताया और कहा कि नई योजनाओं से ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। पूरे घटनाक्रम के बीच सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे आगामी सत्रों में भी तीखी बहस की संभावना बनी हुई है।
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