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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 13 Feb 2026, 06:38 pm
लखनऊ स्थित बड़ा इमामबाड़ा परिसर की आसिफी मस्जिद में शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों लोगों ने पाकिस्तान में शिया समुदाय पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में शिया समुदाय लगातार हिंसा और भेदभाव का सामना कर रहा है, लेकिन वहां की सरकार स्थिति को नियंत्रित करने में नाकाम साबित हो रही है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मस्जिद परिसर में जमा हुए और प्रशासन की मौजूदगी में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
शिया समुदाय ने जताई नाराजगी, फोटो जलाकर किया विरोध
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारे लगाए और नाराजगी जताते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का फोटो जलाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हाल के दिनों में इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर हुए हमले के बाद समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल है। लोगों ने आरोप लगाया कि शिया समुदाय को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है और सरकार इस पर सख्त कार्रवाई नहीं कर रही। बड़ी संख्या में युवाओं और बुजुर्गों ने एक साथ खड़े होकर शियाओं पर हो रहे हमलों को रोकने की मांग उठाई और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की।
मौलाना कल्बे जवाद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग की
प्रदर्शन में प्रमुख शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद भी शामिल हुए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में मजहब के नाम पर हिंसा हो रही है, जो मानवता के लिए खतरा बनती जा रही है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर शिया समुदाय की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रशासन की ओर से पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे कोई अप्रिय स्थिति न बने।
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