Curated By:
shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 12 Feb 2026, 04:44 pm
कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत वाराणसी की सारनाथ पुलिस ने कानपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए अग्रवाल ब्रदर्स के मालिक विनोद अग्रवाल की संपत्तियों को फ्रीज कर दिया। पुलिस टीम ने कानपुर के सिविल लाइंस, जाजमऊ, बिरहाना रोड और देहली सुजानपुर इलाके में स्थित पांच संपत्तियों पर कार्रवाई की। इन संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 5.25 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही कारोबारी के एक बैंक खाते को भी फ्रीज किया गया है, जिसमें लाखों रुपये जमा पाए गए। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति पर की गई है और जांच अभी जारी है।
फर्जी बिलिंग के जरिए दूसरे राज्यों में भेजी जाती थी कफ सिरप
एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि प्रदेश भर में कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी को लेकर कई मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इसी क्रम में सारनाथ थाने में दर्ज मामले की जांच के दौरान यह सामने आया कि प्रयागराज की एमके हेल्थकेयर और वाराणसी की पीडी फार्मा नामक फर्मों के जरिए बड़े स्तर पर फर्जी बिलिंग कर दवाओं को अन्य राज्यों की ओर भेजा जा रहा था। जांच में यह भी पाया गया कि जिन फर्मों के नाम बिल बनाए गए, वहां वास्तव में एक भी सिरप की खेप नहीं पहुंची। तस्करी से प्राप्त धनराशि अलग-अलग खातों के जरिए घूमकर दोबारा अग्रवाल ब्रदर्स के खाते में पहुंच रही थी। पुलिस को इस पूरे नेटवर्क में करोड़ों रुपये के लेनदेन के संकेत मिले हैं।
परिवार के नाम संपत्ति, खाते में मिले लाखों रुपये
पुलिस के अनुसार फ्रीज की गई पांच संपत्तियों में तीन संपत्तियां विनोद अग्रवाल के नाम दर्ज हैं, जबकि दो संपत्तियां उनके परिवार के सदस्यों के नाम पाई गईं। बिरहाना रोड स्थित संपत्ति उनकी पत्नी सविता अग्रवाल और देहली सुजानपुर की संपत्ति बेटे शिवम अग्रवाल के नाम है। इनमें एक संपत्ति व्यावसायिक उपयोग की है जबकि बाकी आवासीय बताई जा रही हैं। इसके अलावा एक बैंक खाते में लगभग 37 लाख रुपये पाए गए, जिसे भी फ्रीज कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि नवंबर 2025 में भी फर्म पर छापेमारी हुई थी, जिसके बाद कारोबारी फरार हो गया था। जनवरी 2026 में उसे गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया और अब आगे की पूछताछ जारी है।
यह भी पढ़ें- लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में फिर यौन शोषण, 50 दिन के भीतर तीसरे केस से मचा हड़कंप, सस्पेंड किए गए आरोपी प्रोफेसर