मुझे बेइज्जत करके संसद से निकाला गया, जिंदा रहा तो एक बार फिर जाऊंगा: बृजभूषण शरण सिंह

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 31 Dec 2025, 12:44 pm
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पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने लोकसभा टिकट कटने को साजिश बताया। राम मंदिर उद्घाटन में न बुलाए जाने पर नाराजगी जताई। 2029 में फिर चुनाव लड़ने का संकेत दिया और अखिलेश यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।

भाजपा के कद्दावर नेता, पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने लोकसभा टिकट कटने, राम मंदिर उद्घाटन में आमंत्रण न मिलने और 2029 के चुनाव को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि उन्हें लोकसभा से जनता ने नहीं, बल्कि साजिश के तहत हटाया गया। उनका कार्यकाल पूरा नहीं होने दिया गया और उन्हें बेइज्जत करके बाहर किया गया। बृजभूषण ने दो टूक कहा कि अगर वह जिंदा रहे तो एक बार फिर लोकसभा जरूर जाएंगे। कोशिश रहेगी कि भाजपा से ही चुनाव लड़ें, लेकिन आगे क्या होगा, यह समय तय करेगा।


राम मंदिर उद्घाटन में न बुलाए जाने का दर्द
बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रण न मिलने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि और सीनियर राजनेता होने के बावजूद उन्हें न्योता नहीं दिया गया, जिसका उन्हें हमेशा अफसोस रहेगा। उन्होंने इसे अपने साथ धोखा बताया। बृजभूषण के अनुसार, जब दूसरी बार निमंत्रण आया तो उन्होंने स्वाभिमान के चलते खुद हाथ जोड़कर मना कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि राम जन्मभूमि आंदोलन में जिनका कोई योगदान नहीं था, उन्हें बुलाया गया, जबकि असली कारसेवकों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि अब तक वह रामलला के दर्शन के लिए नहीं गए हैं और जब जाएंगे तो आम श्रद्धालु की तरह लाइन में लगकर दर्शन करेंगे, किसी खास पास या सिफारिश के सहारे नहीं।


अखिलेश यादव के एहसान को नहीं भूलूंगा
अपने ऊपर लगे आरोपों के दौर को याद करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब वह बेहद खराब दौर से गुजर रहे थे, तब अखिलेश यादव ने उनके खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला। यह एहसान वह जिंदगी भर नहीं भूलेंगे। बृजभूषण ने कहा कि जो एहसान भूल जाता है, उसे नर्क में भी जगह नहीं मिलती। उन्होंने यह भी बताया कि उस समय मायावती, नीतीश कुमार और लालू यादव की पार्टियों की ओर से भी उनके खिलाफ बयान नहीं दिए गए थे, लेकिन अखिलेश यादव का मौन उनके लिए खास रहा। राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल उनके निशाने पर नहीं हैं, लेकिन सेना और सनातन पर सवाल उठाने से उन्हें एक आम नागरिक के रूप में तकलीफ होती है।


2029 चुनाव पर साफ इरादा
चुनाव को लेकर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें जनता ने नहीं, बल्कि साजिश ने हटाया है। इसलिए वह एक बार फिर जनता के बीच जाएंगे और अपने अपमान का जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगे, यह जनता तय करेगी। कोशिश रहेगी कि भाजपा से ही मैदान में उतरें। अगर पार्टी उनके बेटे को टिकट देती है तो वह भी चुनाव लड़ेंगे, लेकिन उनकी व्यक्तिगत इच्छा है कि वह खुद एक बार फिर लोकसभा जरूर पहुंचें। लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1991 से 2019 तक वह छह बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और राजनीति उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है।


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