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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 30 Dec 2025, 06:50 pm
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने यूपी पुलिस के आरक्षी, मुख्य आरक्षी और जेल वार्डर की सीधी भर्ती परीक्षा में निगेटिव मार्किंग खत्म करने का फैसला किया है। इस संबंध में प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। अब इन पदों पर होने वाली लिखित परीक्षा में गलत उत्तर देने पर अंक नहीं काटे जाएंगे। सरकार के इस फैसले से प्रतियोगी छात्रों में खुशी की लहर है, क्योंकि लंबे समय से निगेटिव मार्किंग को लेकर अभ्यर्थी असमंजस और दबाव में रहते थे।
कैबिनेट से मिली मंजूरी, बाई सर्कुलेशन पास हुआ प्रस्ताव
आरक्षी, मुख्य आरक्षी और जेल वार्डर भर्ती परीक्षा से निगेटिव मार्किंग समाप्त करने का प्रस्ताव हाल ही में कैबिनेट के समक्ष रखा गया था। इस प्रस्ताव को बाई सर्कुलेशन के जरिए मंजूरी दी गई है। अब तक इन तीनों पदों की सीधी भर्ती की लिखित परीक्षा में निगेटिव मार्किंग लागू थी, जिससे अभ्यर्थियों को गलत जवाब देने पर अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ता था। कई बार उम्मीदवारों को सही उत्तर आने के बावजूद जोखिम के डर से प्रश्न छोड़ने पड़ते थे। सरकार के इस निर्णय के बाद परीक्षा पैटर्न अभ्यर्थियों के लिए अधिक सहज और भरोसेमंद हो जाएगा। माना जा रहा है कि इस बदलाव से परीक्षा में भाग लेने वाले उम्मीदवारों की संख्या और आत्मविश्वास दोनों बढ़ेंगे।
अभ्यर्थियों को मिलेगा सीधा फायदा, तैयारी होगी आसान
निगेटिव मार्किंग खत्म होने से सबसे बड़ा फायदा उन अभ्यर्थियों को होगा, जो सीमित समय में अधिक से अधिक प्रश्न हल करने की रणनीति अपनाते हैं। अब उन्हें यह डर नहीं रहेगा कि एक गलत जवाब पूरे स्कोर को प्रभावित कर देगा। इससे खासतौर पर ग्रामीण पृष्ठभूमि और पहली बार परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को राहत मिलेगी। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि निगेटिव मार्किंग की वजह से परीक्षा में मानसिक दबाव काफी बढ़ जाता था, जबकि अब वे बिना डर के प्रश्न हल कर सकेंगे। कोचिंग संस्थानों और विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस फैसले से मेरिट पर सकारात्मक असर पड़ेगा और अधिक योग्य उम्मीदवारों को आगे आने का मौका मिलेगा।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ेगा
सरकार के इस फैसले को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। निगेटिव मार्किंग हटने से परीक्षा परिणामों को लेकर उठने वाले सवाल भी कम होंगे। अभ्यर्थियों को अब केवल अपने सही उत्तरों पर ध्यान देना होगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब प्रदेश में पुलिस और कारागार विभाग में बड़ी संख्या में भर्तियां प्रस्तावित हैं। माना जा रहा है कि इससे युवाओं का भरोसा भर्ती प्रक्रिया पर और मजबूत होगा। आरक्षी, मुख्य आरक्षी और जेल वार्डर की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह बदलाव निश्चित तौर पर मनोबल बढ़ाने वाला है।
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