यूपीए सरकार के दो और कानूनों पर मोदी सरकार की नजर, जल्द बदलाव की तैयारी, मामला जान आप कहेंगे- ये भी ठीक है!

Curated By: shivnowup | Hindi Now Uttar Pradesh • 16 Jan 2026, 10:53 am
news-banner

केंद्र सरकार शिक्षा का अधिकार और खाद्य सुरक्षा कानून में सुधार की तैयारी कर रही है। उद्देश्य है 100 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन, डिजिटल निगरानी और योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाना।

केंद्र सरकार मनरेगा के बाद अब यूपीए सरकार के कार्यकाल में बने दो बड़े कानूनों—शिक्षा का अधिकार (RTE) और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून—में सुधार की तैयारी कर रही है। सरकार का मकसद है कि इन योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे और कोई भी पात्र व्यक्ति सिस्टम से बाहर न रह जाए। इसके लिए सबसे पहले नियमों और सरकारी आदेशों के स्तर पर बदलाव किए जाएंगे। यदि इन सुधारों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिले, तो संसद में नए संशोधन बिल लाने पर भी विचार किया जा सकता है। इसके साथ ही सरकार यह भी मंथन कर रही है कि आवास यानी घर पाने के अधिकार को कानूनी अधिकार का दर्जा दिया जाए।


क्यों जरूरी माने जा रहे हैं ये सुधार
परामर्श प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, मनमोहन सिंह सरकार के समय विकास से जुड़े जो अधिकार आधारित कानून बनाए गए थे, उनमें कुछ बुनियादी खामियां सामने आई हैं। इन कानूनों के बावजूद न तो हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पाई और न ही हर जरूरतमंद परिवार तक खाद्य सुरक्षा पूरी तरह पहुंच सकी। केंद्र सरकार की समीक्षा में सामने आया है कि केवल किसी योजना को कानूनी अधिकार बना देना काफी नहीं है, जब तक उसका जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन न हो। यही वजह है कि अब इन योजनाओं की संरचना और कार्यप्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।


100 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के अनुसार, सरकार चाहती है कि सभी लाभार्थियों का शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया जाए। योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक, सही समय पर और सही तरीके से पहुंचे, इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। सरकार का मानना है कि अधूरे या गलत आंकड़ों के कारण योजनाओं की साख पर सवाल उठते हैं। संसद के शीतकालीन सत्र में मनरेगा की जगह लाया गया VB-G Ram G बिल इसी दिशा में उठाया गया एक कदम माना जा रहा है।


पांच अहम क्षेत्रों में तय होंगे स्पष्ट लक्ष्य
सरकार ने शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आवास—इन पांच बुनियादी क्षेत्रों को लेकर तीन प्रमुख बातों को अनिवार्य करने का फैसला किया है। पहला, योजनाओं की पूरी कवरेज के लिए समय-सीमा के साथ स्पष्ट लक्ष्य तय किए जाएंगे। दूसरा, डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि गड़बड़ियों पर तुरंत कार्रवाई हो सके। तीसरा, हर लाभार्थी की पहचान सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रव्यापी पंजीकरण अभियान चलाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ेगी और वास्तविक जरूरतमंदों को उनका हक मिल सकेगा।


यह भी पढ़ें- पीएम मोदी क्या कोई बड़ा एलान करने वाले हैं? शाम 5 बजे आएंगे लाइव!

advertisement image