सीएम योगी आज करेंगे माघ मेले का दौरा, सतुआ बाबा के शिविर में साधुओं के साथ करेंगे भोजन

Curated By: shivnowup | Hindi Now Uttar Pradesh • 10 Jan 2026, 11:52 am
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज माघ मेले में संगम पर स्नान कर गंगा पूजन किया। लेटे हनुमान जी के दर्शन के बाद उन्होंने संतों संग भोजन किया और माघ मेला की व्यवस्थाओं व प्रमुख स्नान पर्वों की तैयारियों की समीक्षा की।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को प्रयागराज पहुंचे और माघ मेले में संगम पर विधिवत स्नान किया। मुख्यमंत्री ने संगम में तीन बार डुबकी लगाई और इसके बाद संगम नोज पर गंगा पूजन किया। सीएम के साथ प्रदेश अध्यक्ष एवं जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी भी मौजूद रहे और संगम में स्नान किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद मुख्यमंत्री का यह धार्मिक कार्यक्रम पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। संगम तट पर मुख्यमंत्री करीब 32 मिनट तक रुके और व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।


संगम नोज पर गंगा पूजन, लेटे हनुमान जी के दर्शन
स्नान के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगम नोज पर गंगा पूजन किया। मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने मां गंगा की आरती की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री सीधे संगम तट के पास स्थित प्रसिद्ध लेटे हनुमान जी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत दर्शन-पूजन किया। मंदिर परिसर में कुछ देर रुककर उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। मुख्यमंत्री की मौजूदगी से संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।


सतुआ बाबा के साथ बोटिंग, संतों के साथ भोजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगम नोज के पास जगद्गुरु महामंडलेश्वर सतुआ बाबा के साथ बोटिंग भी की। इसके बाद वे सतुआ बाबा के शिविर पहुंचे, जहां श्री जगद्गुरु रामानंदाचार्य भगवान के 726वें जन्मोत्सव समारोह में शामिल हुए। यहां मुख्यमंत्री ने साधु-संतों के साथ बैठकर भोजन किया और माघ मेले की आध्यात्मिक परंपरा का हिस्सा बने। इस दौरान उन्होंने संत समाज से संवाद भी किया और माघ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर फीडबैक लिया।


माघ मेला समीक्षा बैठक, प्रमुख स्नान पर्वों की तैयारी पर फोकस
धार्मिक कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री ने आईसीसीसी सभागार में माघ मेला की समीक्षा बैठक की। बैठक में मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख स्नान पर्वों की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई कमी न रहे। उल्लेखनीय है कि 44 दिनों तक चलने वाले माघ मेले में प्रतिदिन करीब 10 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर रहे हैं। ठंड के बावजूद साधु-संत, अखाड़े और कल्पवासी संगम की रेती पर डेरा जमाए हुए हैं।


विदेशी श्रद्धालुओं को भी भा रहा माघ मेला
माघ मेला अब सिर्फ देश ही नहीं, विदेशों में भी आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। इटली से आई 22 वर्षीय लुक्रेशिया यहां भजन-कीर्तन में हिस्सा ले रही हैं। उनका कहना है कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा ने उनका जीवन बदल दिया है। माघ मेले की यह वैश्विक पहचान प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई दे रही है।


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