लखनऊ में हंगामा, पुलिस से भिड़े कांग्रेसी, बैरिकेडिंग पर चढ़े, यह है वजह!

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 27 Nov 2025, 05:40 pm
news-banner

राजधानी लखनऊ में कांग्रेसियों ने एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन किया है। इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक हुई है। कांग्रेसियों ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर जमकर हंगामा काटा है। आइये पूरा मामला जानते हैं।

लखनऊ में उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस ने “वोट चोर गद्दी छोड़” आंदोलन के तहत जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेसी कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय से मार्च निकालते हुए चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़े और रास्ते भर ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ तथा ‘RSS की नई शाखा- चुनाव आयोग’ जैसे नारे लगाए। मार्च आगे बढ़ने ही वाला था कि पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। रोकने का प्रयास विफल करने के लिए कई कांग्रेसी बैरिकेड पर चढ़ गए और वहां खड़े होकर लगातार नारेबाजी करते रहे। कांग्रेस कार्यालय से लगभग 100 मीटर की दूरी पर ही पुलिस ने पूरे दल को रोक दिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई।


स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाया और कई लोगों को पकड़कर गाड़ियों में बैठाया। उन्हें हिरासत में लेकर ईको गार्डन ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद छोड़ दिया गया। इस दौरान युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अंकित तिवारी ने कहा कि उनके नेता राहुल गांधी द्वारा SIR को लेकर उठाए गए सवाल बिलकुल सही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक “तानाशाही सरकार” उनकी बात नहीं मानेगी, ऐसे प्रदर्शन लगातार जारी रहेंगे और वे चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव करने की अपनी मंशा से पीछे नहीं हटेंगे।


इधर, युवा कांग्रेस ने पहले ही हजरतगंज स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के घेराव की घोषणा कर दी थी, जिसके चलते सुबह से ही लखनऊ में माहौल गर्म रहा। प्रदेशभर से आए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के जुटने के कारण पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय और चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया था और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रास्ते सीमित कर दिए गए थे।


बलरामपुर जिलाध्यक्ष अखिलेश झा ने आरोप लगाया कि SIR में गड़बड़ी की जा रही है और सरकार अधिकारियों पर दबाव बनाकर फर्जीवाड़ा करा रही है। उनका कहना था कि विपक्ष के समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं, जिसके विरोध में पूरे देश में आंदोलन चल रहा है और आगे भी जारी रहेगा। वहीं, अमन चौहान ने कहा कि वे वोट चोरी के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ मारपीट और अभद्रता की गई, जिससे कार्यकर्ताओं में और आक्रोश बढ़ गया है।


यह भी पढ़ें- यूपी बीजेपी को मिले 14 नए जिलाध्यक्ष, जमीन विवाद में फंसे मुखलाल पाल को हटाया

advertisement image