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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 23 Nov 2025, 06:49 pm
ब्रिटिश नागरिकता ले चुके मौलाना शमसुल हुदा खान के मामले में यूपी सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। शासन ने शुक्रवार को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन पर आरोप है कि ब्रिटेन में रह रहे मौलाना को विभागीय मिलीभगत से वेतन, अवकाश, पेंशन और VRS का लाभ दिया गया है, जबकि एटीएस जांच में उसके पाकिस्तान कनेक्शन, विदेशी फंडिंग और कट्टरपंथी नेटवर्क को ऑपरेट करने के आरोप सामने आ चुके हैं। सस्पेंड किए गए अधिकारियों में संयुक्त निदेशक एसएन पांडेय, गाजियाबाद के डीएमओ साहित्य निकष सिंह, बरेली के लालमन और अमेठी के प्रभात कुमार शामिल हैं। ये सभी आजमगढ़ में पोस्टिंग के दौरान मौलाना को अवैध लाभ देने के लिए जिम्मेदार माने गए हैं।
दारुल उलूम मदरसे में सहायक अध्यापक था मौलाना
शमसुल हुदा खान मूल रूप से संतकबीरनगर का निवासी है। 12 जुलाई 1984 को वह आजमगढ़ के ‘दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम’ में सहायक अध्यापक नियुक्त हुआ था। 2007 में वह ब्रिटेन चला गया और 2013 में वहां की नागरिकता ले ली। इसके बावजूद उसने भारत में 2017 तक मदरसे से वेतन उठाया। विभागीय अधिकारियों ने उसे अनियमित चिकित्सा अवकाश मंजूर किए, जिससे वह करीब 16 लाख रुपये वेतन ले गया। 2017 में उसे VRS भी दे दी गई और पेंशन-जीपीएफ के लाभ भी जारी कर दिए गए।
2007 से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था आरोपी
एटीएस की जांच में खुलासा हुआ कि शमसुल हुदा 2007 से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था। इस्लामी प्रचार के नाम पर वह पाकिस्तान के कई शहरों में जाता था और वहां धार्मिक संगठनों से जुड़ा था। भारत में भी वह जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी तत्वों और कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क में रहा। आरोप है कि वह ‘दावते इस्लाम’ जैसी प्रतिबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देता था। उसे मिलने वाली विदेशी फंडिंग के स्रोत संदिग्ध थे और उसने इन ट्रांजैक्शनों को छिपाने की कोशिश भी की।
खलीलाबाद में चलाता था गर्ल्स मदरसा, प्रशासन ने किया सील
खलीलाबाद में वह ‘कुलियातुल बनातिर रजबिया’ नाम का गर्ल्स मदरसा चलाता था। प्रशासन ने 2024 में इसे सील किया, तो मौलाना ने पास की बाउंड्री में उसी नाम से दूसरा मदरसा खोल लिया। 3 नवंबर को दूसरा मदरसा भी सील कर दिया गया। शक है कि यही संस्थान विदेशी फंडिंग और नेटवर्क संचालन का केंद्र थे। वह एक मकान में गर्ल्स हॉस्टल भी चलाता था, जिसमें कई जिलों और राज्यों की लड़कियां रहती थीं।
उस पर कुल तीन केस दर्ज हैं—संतकबीरनगर में विदेशी फंडिंग व संदिग्ध गतिविधियां, आजमगढ़ में आर्थिक गड़बड़ी और 2 नवंबर 2024 को खलीलाबाद में धोखाधड़ी व विदेशी मुद्रा अधिनियम उल्लंघन का केस। दो मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। फिलहाल एसआईटी पूरी फाइल, बैंक रिकॉर्ड, यात्रा विवरण और विभागीय अनुमोदन की छानबीन कर रही है।
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