गोवा नाइट क्लब हादसा, अग्निकांड में अब तक क्या कुछ हुआ? जानें पूरा अपडेट

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 08 Dec 2025, 03:11 pm
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गोवा के नाईट क्लब में हुए दर्दनाक हादसे के मामले में पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक आरोपी को दिल्ली से पकड़ा है। आइए पूरा मामला जानते हैं।

गोवा के अर्पोरा क्षेत्र में स्थित एक नाइट क्लब में लगी भीषण आग के मामले में जांच ने अहम मोड़ ले लिया है। इस दर्दनाक हादसे में 25 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इसी कड़ी में दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके से एक और गिरफ्तारी की गई है, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिया गया व्यक्ति क्लब का कर्मचारी भारत कोहली है, जिसे पूछताछ के लिए जल्द गोवा ले जाया जाएगा।


सूत्रों का कहना है कि भारत कोहली नाइट क्लब के रोजमर्रा के संचालन की जिम्मेदारी संभालता था। उसकी भूमिका पर तब शक गहराया, जब क्लब के एक वरिष्ठ प्रबंधक से पूछताछ के दौरान उसका नाम सामने आया। इसके बाद दिल्ली पुलिस की मदद से गोवा पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस गिरफ्तारी से आग लगने के असली कारणों और जिम्मेदारियों को तय करने में मदद मिलेगी।


यह भयावह आग शनिवार देर रात उत्तरी गोवा के अर्पोरा इलाके में स्थित ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में लगी थी। आग लगने के समय क्लब के अंदर बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें से अधिकतर इसकी चपेट में आ गए। इस हादसे ने न केवल पीड़ित परिवारों को सदमे में डाल दिया, बल्कि पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्थाओं और पर्यटन स्थलों पर लागू नियमों को लेकर बहस छेड़ दी है।


पुलिस इससे पहले भी इस मामले में कई अहम गिरफ्तारियां कर चुकी है। गिरफ्तार किए गए लोगों में क्लब के मुख्य महाप्रबंधक राजीव मोदक, महाप्रबंधक विवेक सिंह, बार प्रबंधक राजीव सिंघानिया और गेट प्रबंधक प्रियांशु ठाकुर शामिल हैं। चारों को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अब भारत कोहली की गिरफ्तारी के बाद कुल गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़ गई है और पूछताछ का दायरा भी व्यापक हो गया है।


इस घटना के बाद उत्तर गोवा जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए रोमियो लेन चेन से जुड़े वैगेटर और असागाओ में स्थित दो अन्य क्लबों के साथ-साथ एक तटीय ढाबे को भी बंद करा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इन प्रतिष्ठानों में भी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आया था, जिस कारण तत्काल कार्रवाई की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई को भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।


मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि क्लब में अग्नि सुरक्षा के जरूरी नियमों का पालन नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि अधिकांश लोगों की मौत धुएं में दम घुटने के कारण हुई, क्योंकि आग लगने के बाद लोग संकरी जगहों और रसोई क्षेत्र में फंस गए थे। दमकल वाहनों को तंग रास्तों के कारण घटनास्थल तक पहुंचने में काफी मुश्किल हुई और पानी के टैंकरों को लगभग 400 मीटर दूर खड़ा करना पड़ा।


मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि उन अधिकारियों की पहचान की जाए, जिन्होंने नियमों का उल्लंघन होने के बावजूद क्लब को संचालन की अनुमति दी थी। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आग शनिवार रात करीब पौने ग्यारह बजे आतिशबाजी के दौरान लगी थी। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गई है।

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