दो साल से था जीजा-साली का चक्कर, घरवालों को रास नहीं आया रिश्ता, फिर खौफनाक घटना, जानकर हिल गया हर कोई!

Curated By: shivnowup | Hindi Now Uttar Pradesh • 16 Jan 2026, 04:39 pm
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हरदोई में जीजा-साली ने प्रेम प्रसंग के चलते हाथ पकड़कर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। हादसे में दोनों के शव क्षत-विक्षत हो गए। परिजनों के विरोध और शादी तय होने से आहत होकर दोनों ने यह कदम उठाया।

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां जीजा-साली ने साथ जीने की तमन्ना पूरी न होने पर साथ मरने का फैसला कर लिया। दोनों ने हाथ पकड़कर ट्रेन के आगे खड़े होकर आत्महत्या कर ली। ट्रेन गुजरते ही दोनों के शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। हादसा इतना भयावह था कि शवों के अंग रेलवे ट्रैक में फंस गए और आसपास बिखर गए। घटना के बाद हावड़ा-काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस को करीब 45 मिनट तक रोकना पड़ा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों के अवशेष पॉलिथीन में भरकर कब्जे में लिए।


प्रेम संबंध का विरोध बना सुसाइड की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतकों की पहचान रितेश सिंह (28) और मुस्कान के रूप में हुई है। रितेश बघौली थाना क्षेत्र के गड़ेउरा गांव का रहने वाला था और हरियाणा के बहादुरगढ़ में रैक्सीन सोल बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था। वहीं मुस्कान बीए पास थी और नौकरी की तलाश कर रही थी। रितेश के छोटे भाई की शादी 3 जुलाई 2024 को मुस्कान की बड़ी बहन शिवी सिंह से हुई थी। शादी के बाद रितेश का ससुराल आना-जाना बढ़ा और इसी दौरान उसका मुस्कान से प्रेम संबंध हो गया। परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया और मुस्कान के लिए रिश्ता तलाशना शुरू कर दिया।


परिजनों की सख्ती, फिर बनाया मौत का प्लान
परिजनों के विरोध के बाद रितेश के ससुराल जाने पर रोक लगा दी गई, लेकिन दोनों की फोन पर बातचीत जारी रही। पुलिस के अनुसार, रितेश 13 जनवरी को ही हरियाणा से हरदोई लौटा था। इसी दिन दोनों ने आत्महत्या की योजना बना ली। बुधवार रात रितेश हरदोई में अपनी बुआ के घर पहुंचा और वहां से मुस्कान को फोन कर बुलाया। कुछ देर बाद मुस्कान भी वहां पहुंच गई। रितेश ने बुआ से कहा कि वह लखनऊ जा रहा है और मोबाइल व बैग घर पर ही छोड़कर निकल गया।


कोहरे में ट्रेन के सामने कूदे, पहचान में लगे 15 घंटे
इसके बाद दोनों देहात कोतवाली क्षेत्र के खदरा रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचे। काफी देर तक बातचीत करने के बाद गुरुवार रात करीब 2:15 बजे कोहरे के बीच ट्रेन के सामने कूद गए। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। शवों की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल हो गया। करीब 15 घंटे बाद परिजनों ने शरीर पर मौजूद तिल, चोटों के निशान और कपड़ों के आधार पर पहचान की। रितेश के भाई साकेत ने बाएं कान के पीछे तिल से पहचान की, जबकि मुस्कान की मां नीतू सिंह ने कपड़ों से बेटी की शिनाख्त की। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।


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