एक्शन में बरेली पुलिस, अवैध बालू खनन माफियाओं पर एक तरफ से चलाया चाबुक, मच गया हड़कंप!

Curated By: shivnowup | Hindi Now Uttar Pradesh • 17 Jan 2026, 06:32 pm
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बरेली में उत्तराखंड–यूपी बॉर्डर से अवैध बालू परिवहन पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में 24 आरोपी जेल भेजे गए हैं, जबकि 37 ट्रक-डंपरों के मालिक अभी रडार पर हैं। माफिया एक्ट और गैंगस्टर कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

उत्तराखंड–यूपी बॉर्डर से अवैध बालू खनन में लगे माफियाओं के खिलाफ बरेली पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। नैनीताल मार्ग पर बनाए गए चेक प्वाइंट अब 24 घंटे सक्रिय हैं और ओवरलोड व अवैध उपखनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। हाल ही में दबोचे गए पांच लोकेटरों समेत 24 लोगों को जेल भेजे जाने के बाद अब पुलिस ने बहेड़ी मंडी स्थल पर खड़े कराए गए 37 ट्रक-डंपरों के मालिकों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। एआरटीओ को सभी वाहनों के नंबर भेजकर स्वामियों का पूरा विवरण मांगा गया है।


चेक प्वाइंट पर हमला, 24 आरोपी जेल भेजे गए
बहेड़ी सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार शाम बहेड़ी टोल पर चेकिंग के दौरान उपखनिज माफियाओं ने बैरिकेडिंग तोड़ दी थी। जांच टीम को जान से मारने की नीयत से ट्रक दौड़ा दिए गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई, जबकि दरोगा कृष्णपाल को चोट आई। इस मामले में पांच लोकेटरों समेत 24 आरोपियों को शुक्रवार को जेल भेजा गया है। ये सभी लंबे समय से उपखनिज के अवैध परिवहन में संलिप्त बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और व्हाट्सएप ग्रुप खंगाल रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।


37 ट्रक-डंपरों के मालिक रडार पर, माफिया एक्ट की तैयारी
पुलिस ने बहेड़ी मंडी स्थल पर पकड़े गए 37 ट्रक-डंपरों की जानकारी एआरटीओ को भेज दी है। वाहन स्वामियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। सीओ अरुण कुमार सिंह ने साफ किया कि इसके बाद आरोपियों पर माफिया चिह्नीकरण, गैंग पंजीकरण और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस पूरे मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी, ताकि अवैध खनन और परिवहन में लिप्त लोगों को सख्त सजा मिल सके।


चेक प्वाइंट से थमा अवैध परिवहन, माफिया परेशान
पुलिस के अनुसार, नैनीताल मार्ग पर चेक प्वाइंट बनने के बाद अवैध उपखनिज परिवहन लगभग थम गया है। शुक्रवार रात 12 बजे से शनिवार सुबह आठ बजे तक सिर्फ 60 ट्रक-डंपर उपखनिज लेकर निकले, जिनके पास सभी वैध दस्तावेज और आईएसटीपी मौजूद थे। शनिवार सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक 55 वाहन ही गुजर सके। पहले इसी मार्ग से बड़ी संख्या में ओवरलोड और बिना अनुमति वाले ट्रक निकलते थे। चेक प्वाइंट पर अब हर वाहन का रजिस्टर में विवरण दर्ज किया जा रहा है।


एक राउंड में 7 हजार की बचत, इसलिए फलता था अवैध खेल
सीओ ने बताया कि बिना आईएसटीपी उपखनिज ले जाने पर ट्रक मालिक एक राउंड में करीब 7,000 रुपये की बचत कर लेते थे। यही वजह थी कि अवैध परिवहन बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा था। तीन दिसंबर से डीएम के आदेश पर लगातार कैंप चल रहा है और तीन शिफ्टों में अधिकारी ड्यूटी कर रहे हैं। जब माफियाओं को लगा कि कैंप स्थायी है, तो उनमें खलबली मच गई।


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