Curated By:
Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 06 Dec 2025, 07:28 pm
जालौन में एक दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां कुठौंद थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय ने संदिग्ध परिस्थितियों में सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर जान दे दी। गोली उनके सिर के आर-पार निकल गई। घटना के तुरंत बाद जिन परिस्थितियों में महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा का नाम जुड़ा, उसने मामले को और उलझा दिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात जब इंस्पेक्टर ने खुद को गोली मारी, उस समय महिला सिपाही उनके सरकारी आवास में मौजूद थी। गोली की आवाज सुनते ही वह चीखती हुई बाहर आई और बोली कि साहब ने खुद को गोली मार ली, लेकिन कुछ ही क्षण बाद वह थाने से भागती हुई देखी गई। थाने के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में उसका वहां से निकलना रिकॉर्ड हुआ है।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे जालौन एसपी दुर्गेश कुमार ने बताया कि महिला सिपाही की भूमिका की जांच की जा रही है और उससे पूछताछ भी चल रही है। घटना की खबर मिलते ही शनिवार सुबह इंस्पेक्टर का परिवार संत कबीरनगर से जालौन पहुंचा। उनके भतीजे प्रशांत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है। वहीं, पति का शव देखकर उनकी पत्नी रो पड़ीं, जिन्हें महिला सीओ ने संभाला। पत्नी की शिकायत के आधार पर महिला सिपाही मीनाक्षी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
घटना से कुछ घंटे पहले तक इंस्पेक्टर की दिनचर्या सामान्य थी। शुक्रवार शाम वह थाने के पास चल रहे पंच कुंडीय महायज्ञ के भंडारे में शामिल हुए, जहां उन्हें सम्मानित भी किया गया। इसके बाद वे जालौनी माता मंदिर के पुजारी सर्वेश महाराज की बेटी की शादी में पहुंचे और आशीर्वाद देने के बाद करीब नौ बजे थाने लौट आए। उन्होंने अपनी पत्नी से फोन पर बात की और बताया कि वे खाना खा चुके हैं और सोने जा रहे हैं। उनका सरकारी आवास थाने से कुछ ही दूरी पर था। इसी कमरे में लगभग आधे घंटे बाद गोली चलने की आवाज आई। जब सिपाही कमरे में पहुंचे तो इंस्पेक्टर खून से लथपथ बेड पर पड़े थे। उन्हें उरई अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इंस्पेक्टर और महिला सिपाही के संबंधों को लेकर कई तरह के इनपुट सामने आए हैं। थाने के कुछ सिपाहियों का कहना है कि महिला सिपाही 112 में तैनात थी और वह इंस्पेक्टर को ब्लैकमेल कर रही थी। बताया जाता है कि उसके पास इंस्पेक्टर के कुछ वीडियो थे और वह उनसे पैसों की मांग कर रही थी। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट के एक अधिकारी ने बताया कि महिला सिपाही फरवरी में शादीशुदा हुई थी और जब इंस्पेक्टर की पोस्टिंग कोंच कोतवाली में थी, तब दोनों एक ही जगह तैनात थे। पिछले दस दिनों से वह ड्यूटी पर नहीं थी, लेकिन इंस्पेक्टर के आवास के आसपास देखी जा रही थी। घटना की जानकारी भी सबसे पहले उसी ने दी थी।
घटना के बाद थाना परिसर में पुलिस अधिकारी लगातार पहुंचते रहे और फोरेंसिक टीम ने कमरे की बारीकी से जांच की। सभी अधिकारी यही कहते नजर आए कि पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। इंस्पेक्टर के भतीजे ने कहा कि परिवार को रंजिश के चलते हत्या की आशंका है और निष्पक्ष जांच ही सच उजागर करेगी। उनकी पत्नी का कहना है कि अरुण मानसिक रूप से बेहद मजबूत थे और आत्महत्या नहीं कर सकते। उनकी शिकायत पर ही महिला सिपाही पर केस दर्ज हुआ, जिससे जांच अब और गंभीर मोड़ ले चुकी है।
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