कानपुर की जूता फैक्ट्री में लगी भयानक आग, संकरी गलियों में नहीं पहुंच सकी फायर ब्रिगेड, बिछानी पड़ी लंबी पाइपलाइन, बुझाने में लग गए 5 घंटे

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 22 Apr 2026, 01:46 pm
news-banner

कानपुर के जाजमऊ में जूता फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने करोड़ों का नुकसान किया। दमकल की टीमों ने 5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जांच शुरू कर दी गई है।

कानपुर के जाजमऊ इलाके में मंगलवार देर रात एक जूता फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग ने कुछ ही देर में पूरी टेनरी को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें करीब 20 मीटर तक ऊंची उठती दिखाई दीं, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। गनीमत रही कि घटना के वक्त फैक्ट्री में ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।


कुछ ही मिनटों में फैल गई आग, नया सेटअप जलकर खाक

वाजिदपुर स्थित एसएच इंटरनेशनल फैक्ट्री के मालिक नौशाद अहमद ने बताया कि उन्हें रात करीब 8 बजे आग लगने की सूचना मिली। जब तक वह मौके पर पहुंचे, तब तक आग पूरी तरह फैल चुकी थी। उन्होंने हाल ही में करीब 2 करोड़ रुपए का नया जूता फिनिशिंग सेटअप लगाया था, जो पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इसके अलावा ग्राउंड फ्लोर पर लगा 95 लाख रुपए का जूता कटिंग यूनिट और लाखों रुपए का चमड़ा व अन्य सामग्री भी आग की चपेट में आ गई। पहली मंजिल पर मौजूद सोलिंग, फिनिशिंग और पैकिंग यूनिट भी पूरी तरह नष्ट हो गई, जबकि ऊपर की मंजिल पर लैब और स्प्रे विभाग भी जल गए।


7 फायर स्टेशनों की टीम ने पाया काबू

फायर अधिकारी राहुल नंदन के मुताबिक, जाजमऊ समेत कई इलाकों से दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं। कुल 7 फायर स्टेशनों की टीमों ने मिलकर करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इंडस्ट्रियल एरिया होने के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। आग बुझाने के लिए 23 बार पानी भरना पड़ा, जिसके बाद हालात नियंत्रण में आए। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो आग आसपास की फैक्ट्रियों में भी फैल सकती थी।


संकरी गलियों ने बढ़ाई परेशानी, बड़ा हादसा टला

स्थानीय लोगों का कहना है कि दमकल की गाड़ियां सूचना के करीब 35 मिनट बाद पहुंचीं, लेकिन संकरी गलियों के कारण उन्हें फैक्ट्री तक पहुंचने में दिक्कत हुई। इसके चलते लंबी पाइप लाइन बिछाकर आग बुझानी पड़ी। आसपास के कर्मचारियों ने भी शुरुआती प्रयास किए, लेकिन तेज लपटों के सामने वे सफल नहीं हो सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आग एक घंटे पहले लगती, तो सैकड़ों मजदूर अंदर मौजूद होते और बड़ा हादसा हो सकता था। अब फायर विभाग ने फैक्ट्री के सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है।


यह भी पढें- लखनऊ में 41 सीटर बस में लगी भयानक आग, आधे घंटे तक धू-धू कर जली, बचा केवल ढांचा

advertisement image