अमेरिका ने बढ़ाया एकतरफा सीजफायर, पाक की अपील पर ट्रंप का फैसला, बोले- ईरान ले रहा वक्त, अभी नहीं करेंगे हमले

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 22 Apr 2026, 10:02 am
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पाकिस्तान की अपील पर अमेरिका ने ईरान पर हमले रोके और सीजफायर बढ़ाया। ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला अस्थायी है और ईरान पर दबाव बनाए रखा जाएगा, जबकि आगे की कार्रवाई ईरान के रुख पर निर्भर करेगी।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि पाकिस्तान की अपील पर ईरान के साथ चल रहा युद्धविराम फिलहाल आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि यह राहत कितने दिनों तक जारी रहेगी। ट्रम्प के मुताबिक, इस समय ईरान के अंदर नेतृत्व और सरकार में एकजुटता की कमी है, जिससे हालात और संवेदनशील बने हुए हैं। ऐसे में उन्होंने कहा कि बातचीत का मौका देना जरूरी है, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके और कोई ठोस समाधान निकल सके।


पाकिस्तान की पहल से बदला माहौल

ट्रम्प ने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख ने उनसे संपर्क कर ईरान पर कुछ समय के लिए हमले रोकने की अपील की थी। उनका कहना था कि ईरान को एक साझा प्रस्ताव तैयार करने के लिए समय दिया जाना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने फिलहाल सैन्य कार्रवाई पर रोक लगा दी है। ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि यह फैसला पूरी तरह से रणनीतिक है, ताकि बातचीत का रास्ता खुला रहे और किसी बड़े टकराव से बचा जा सके।


हमला रुका, लेकिन सख्ती जारी

हालांकि अमेरिका ने हमले रोक दिए हैं, लेकिन ट्रम्प ने साफ कर दिया कि सेना को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए नाकेबंदी जारी रहेगी। इसका मतलब साफ है कि हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। ट्रम्प ने चेतावनी भी दी कि अगर ईरान की ओर से ठोस और एकजुट प्रस्ताव नहीं आता है, तो अमेरिका फिर से कड़ा रुख अपना सकता है। यानी सीजफायर अस्थायी है और आगे की स्थिति ईरान के कदमों पर निर्भर करेगी।


24 घंटे में तेजी से बदले हालात

पिछले 24 घंटों में हालात तेजी से बदले हैं। ट्रम्प ने एक तरफ ईरान को चेतावनी दी है कि अगर शांति समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना तुरंत कार्रवाई कर सकती है। वहीं, होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस ने करीब 30 देशों की बैठक बुलाने का फैसला किया है, जो लंदन में हो रही है। इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा भी टाल दी गई है। यमन के हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने होर्मुज की नाकाबंदी को अमेरिका की गलती बताया है।

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