लखनऊ में 69 हजार शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, सरकार पर अनियमितताओं का आरोप, पुलिस टांगकर ले गई इको गार्डन

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 22 Apr 2026, 03:51 pm
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लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस से झड़प के बाद कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया और कमजोर पैरवी पर सवाल उठाए।

69000 शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों ने बुधवार को लखनऊ में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ‘योगी बाबा न्याय करो, सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करो’ और ‘न्याय नहीं दे सकते तो इस्तीफा दो’ जैसे नारों के साथ सड़कों पर उतरे अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी दो हिस्सों में बंट गए। एक समूह ने चारबाग रेलवे स्टेशन के पास भीख मांगकर विरोध जताया, जबकि दूसरे समूह ने विधान भवन का घेराव करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।


पुलिस से झड़प, कई अभ्यर्थी हिरासत में

प्रदर्शन के दौरान हालात तब बिगड़ गए जब अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच टकराव बढ़ गया। करीब आधे घंटे तक दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की होती रही। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए सख्ती दिखाई और कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर गाड़ियों में बैठाया। महिला अभ्यर्थियों को भी महिला पुलिसकर्मियों ने बलपूर्वक हटाया। कुछ को उठाकर गाड़ियों में ले जाया गया और बाद में सभी को ईको गार्डन भेज दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी देखी गई।


महिला अभ्यर्थियों ने लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन में शामिल महिला अभ्यर्थियों ने पुलिस पर अभद्रता के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि धक्का-मुक्की के दौरान उनके साथ गलत व्यवहार किया गया, चूड़ियां तोड़ी गईं और कपड़े तक फट गए। इन आरोपों के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे, लेकिन उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जो बिल्कुल गलत है।


भर्ती प्रक्रिया और पैरवी पर उठाए सवाल

अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों और सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी के कारण उन्हें अब तक नियुक्ति नहीं मिल पाई है। उनका कहना है कि वे पिछले 5 वर्षों से नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं और कई बार मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कर चुके हैं। हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन समाधान नहीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे दूर-दूर से किराया खर्च करके लखनऊ आते हैं और हर बार मायूस होकर लौटते हैं।


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