आसमान से नजर और जमीन पर एक्शन! कानपुर पुलिस की चाल में फंसे गांजा कारोबारी, 7 महिलाओं समेत 8 दबोचे

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 16 Apr 2026, 11:12 am
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कानपुर के सचेंडी में पुलिस ने ड्रोन की मदद से गांजा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। पान मसाला दुकानों की आड़ में चल रहे इस गिरोह से आठ लोगों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में गांजा और नकदी बरामद की गई।

कानपुर में पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सचेंडी इलाके में गांजा बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। जामताड़ा जैसे साइबर अपराध के लिए चर्चित रेउना गांव में कार्रवाई के बाद अब पुलिस ने ड्रग्स तस्करों पर शिकंजा कसा है। बुधवार शाम एडीसीपी एसओजी सुमित सुधाकर रामटेके और डॉ. सुमेध मिलिंद जाधव के नेतृत्व में पुलिस ने ड्रोन की मदद से पूरे इलाके की निगरानी की। संदिग्ध गतिविधियां सामने आते ही टीम ने घेराबंदी कर सात महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से तीन किलो से ज्यादा गांजा और 92 हजार रुपये बरामद हुए हैं। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।


ड्रोन से निगरानी कर पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

इस ऑपरेशन में पुलिस लाइन, क्राइम ब्रांच, महिला आरक्षियों समेत करीब 100 पुलिसकर्मियों की टीम ने हिस्सा लिया। ड्रोन के जरिए पहले पूरे इलाके की रेकी की गई, जिसमें कुछ जगहों पर लगातार संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। इसके बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए छापेमारी शुरू की। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह पूरा नेटवर्क सचेंडी थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर चल रहा था। पुलिस ने पान मसाला की गुमटियों से गांजा बेच रही अनीता, सावित्री, संगीता, माया गिहार, करिश्मा गिहार, दीपा और इंद्रपाल गिहार को मौके से गिरफ्तार किया। पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।


पान मसाला दुकानों की आड़ में चल रहा था कारोबार

जांच में सामने आया कि आरोपी महिलाएं पान मसाला की दुकानों की आड़ में गांजा बेच रही थीं। सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक और फिर शाम चार से सात बजे तक खुलेआम गांजा की बिक्री की जाती थी। एक पुड़िया करीब तीन ग्राम की होती थी, जिसे 50 रुपये में बेचा जाता था। हैरानी की बात यह है कि ये लोग रोजाना करीब पांच हजार पुड़िया बेच लेते थे, यानी एक दिन में 15 से 20 किलो तक गांजा खपाया जा रहा था। इस पूरे नेटवर्क में शामिल महिलाओं की उम्र 30 से 40 साल के बीच बताई जा रही है।


मध्य प्रदेश से होती थी सप्लाई, जांच जारी

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बिधनू और किदवई नगर के कंजड़नपुरवा से गांजा खरीदकर लाता था। इसके अलावा मध्य प्रदेश के दो बड़े तस्कर भी इन्हें सप्लाई कर रहे थे, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके के मुताबिक, इस अभियान के तहत अब तक 70 मुकदमे दर्ज कर करीब 100 अपराधियों को जेल भेजा जा चुका है। वहीं रेउना में हुई कार्रवाई के बाद सचेंडी क्षेत्र में साइबर ठगी के मामलों में भी कमी आई है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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