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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 16 Apr 2026, 01:27 pm
लखनऊ के विकासनगर इलाके में बुधवार शाम लगी भीषण आग ने सैकड़ों परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। इस दर्दनाक हादसे में दो मासूम बहनें जिंदा जल गईं, जिनमें एक की उम्र महज 2 साल और दूसरी सिर्फ 2 महीने थी। आग इतनी भयानक थी कि करीब 250 से ज्यादा झोपड़ियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं। गुरुवार सुबह जब हालात कुछ सामान्य हुए, तो घटनास्थल पर सिर्फ राख, जले हुए बर्तन और टूटे सामान ही नजर आए। बेघर हुए लोग उसी राख में अपने बचे-खुचे सामान की तलाश करते दिखे। कुछ परिवारों को प्रशासन ने रात में रैन बसेरों में ठहराया, जबकि कई लोग खुले आसमान के नीचे खाली प्लॉट में रात गुजारने को मजबूर रहे।
महिलाओं का आरोप- धमकी के बाद लगाई गई आग
घटना के बाद पीड़ित महिलाओं का दर्द और गुस्सा दोनों सामने आया। कई महिलाओं ने रोते हुए आरोप लगाया कि पास की कोठियों में रहने वाले लोगों ने उनकी झोपड़ियों में आग लगवाई है। उनका कहना है कि उन्हें पहले से झोपड़ियां हटाने के लिए धमकाया जा रहा था और मना करने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। महिलाओं ने बताया कि उनकी जिंदगी भर की जमा पूंजी पल भर में खत्म हो गई। उनका यह भी कहना है कि अगर दमकल की गाड़ियां समय पर पहुंच जातीं, तो शायद कुछ सामान बचाया जा सकता था। इन आरोपों के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस सतर्क नजर आ रही है।
दमकल की मशक्कत, घंटों बाद काबू में आई आग
अधिकारियों के मुताबिक, शाम करीब 5:30 बजे आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद जिले के सभी फायर स्टेशनों से गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। आग के दौरान 30 से ज्यादा सिलेंडर फटने से हालात और भयावह हो गए। धुएं का गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। एहतियात के तौर पर आसपास के 20 मकानों को खाली कराया गया और इलाके की बिजली भी काट दी गई। करीब 20 दमकल गाड़ियों ने पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत और बचाव के लिए विशेष टीमें भी मौके पर तैनात रहीं और मलबे से दोनों बच्चियों के शव बरामद किए गए।
प्रशासन जुटा राहत कार्य में, बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद प्रशासन ने राहत और पुनर्वास का काम शुरू कर दिया है। अफसर बेघर हुए परिवारों की सूची तैयार कर रहे हैं, ताकि उन्हें मुआवजा और जरूरी मदद दी जा सके। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि प्रभावित लोगों को कितनी सहायता मिलेगी। इलाके में किसी भी तरह के विवाद या विरोध को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जवान हेलमेट और डंडों के साथ लगातार निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पीड़ित परिवारों के सामने फिर से जिंदगी शुरू करने की बड़ी चुनौती खड़ी है।