पत्थर से सिर कूंचकर मां और बीवी को मार डाला, फिर नोच-नोचकर खाने लगा खोपड़ी का मांस, यूपी की ये खौफनाक वारदात सुन हिल गया हर कोई!

Curated By: shivnowup | Hindi Now Uttar Pradesh • 13 Jan 2026, 01:19 pm
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कुशीनगर के परसा गांव में नशे और पारिवारिक विवाद के चलते युवक ने मां और पत्नी की पत्थर से हत्या कर दी। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

कुशीनगर के अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के परसा गांव में सोमवार सुबह एक ऐसी खौफनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। पारिवारिक विवाद और नशे की लत के चलते 30 वर्षीय युवक सिकंदर ने अपनी मां रूना देवी और पत्नी प्रियंका की बेरहमी से हत्या कर दी। यह वारदात गांव की छतों पर अलाव तापने की आम सुबह को खून से रंग देने वाली बन गई।


नशे में विवाद, पत्थर से कुचल दिए सिर
सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे सिकंदर की पत्नी प्रियंका और मां रूना देवी रोज की तरह घर की छत पर अलाव के पास बैठी थीं। इसी दौरान नशे की हालत में सिकंदर वहां पहुंचा। पत्नी ने शराब पीने का विरोध किया तो दोनों में कहासुनी हो गई। गुस्से में आकर सिकंदर ने छत पर रखा पत्थर का टुकड़ा उठाया और पीछे से प्रियंका के सिर पर वार कर दिया। जब मां रूना देवी बहू को बचाने आगे आईं तो आरोपी ने उनके सिर पर भी उसी पत्थर से हमला कर दिया। दोनों अचेत होकर गिर पड़ीं, जिसके बाद सिकंदर ने सिर कुचलकर उनकी हत्या कर दी।


ग्रामीणों को हुआ शक, पुलिस को दी सूचना
करीब डेढ़ घंटे तक आरोपी छत पर ही मौजूद रहा। इस दौरान छत से मांस के टुकड़े नीचे सड़क पर गिरने लगे, जिसे देखकर ग्रामीणों को शक हुआ। लोगों ने आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। जब कुछ युवक छत पर चढ़ने लगे तो सिकंदर ने ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गांव वालों की मदद से करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आरोपी को काबू में किया। उसके दोनों हाथ खून से सने हुए थे और चेहरा भावशून्य नजर आ रहा था।


पुलिस का दावा, पारिवारिक विवाद बना कारण
घटना को लेकर ग्रामीणों में चर्चा रही कि आरोपी शवों से मांस नोच रहा था, हालांकि पुलिस ने इस दावे से इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक हत्या का कारण पारिवारिक विवाद और नशे की लत है। आरोपी की बहन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर सिकंदर को गिरफ्तार कर लिया गया है। कोर्ट में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।


परिवारिक तनाव और बेरोजगारी की कहानी
ग्रामीणों के अनुसार सिकंदर नशे का आदी था और कोई स्थायी रोजगार नहीं करता था। शादी के चार साल बाद भी संतान न होने को लेकर परिवार में तनाव रहता था। मां रूना देवी बहू की गोद भरने के लिए झाड़-फूंक और मंदिरों के चक्कर लगाती रहती थीं। इसी पारिवारिक दबाव और नशे ने इस भयावह वारदात को जन्म दिया।


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