पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में बंद, सड़कों पर उतरे वकील, क्या है पूरा मसला? जानें यहां

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 17 Dec 2025, 02:07 pm
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उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में हाईकोर्ट की एक बेंच स्थापित करने की मांग उठ रही है। इसको लेकर वकीलों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है और वह सड़कों पर उतर आए हैं। वकीलों ने बुधवार को बंद का आह्वान किया था, जिसका उन्हें व्यापक समर्थन भी मिला है। आइए पूरा अपड

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर बुधवार को मेरठ समेत 22 जिलों में एक व्यापक बंद का आह्वान किया गया। इसको लेकर वकील सड़कों पर उतर आए हैं। बताया जा रहा है कि यह बंद हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति के नेतृत्व में किया गया है, जिसे पश्चिमी यूपी के अधिवक्ताओं के साथ-साथ 1200 से अधिक सामाजिक, व्यापारिक और जनसंगठनों का समर्थन प्राप्त है। लंबे समय से चली आ रही इस मांग को लेकर वकीलों और आम जनता में भारी रोष देखने को मिल रहा है।


मेरठ में इस ऐतिहासिक बंद का असर सुबह से ही साफ नजर आया। सुबह 11 बजे तक खैरनगर, सुमित, बुढ़ाना गेट, जिमखाना मैदान सहित शहर के प्रमुख बाजारों में दुकानों के शटर बंद रहे। व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप रहीं। चिकित्सकों ने भी ओपीडी सेवाएं बंद रखीं, हालांकि आपातकालीन सेवाएं चालू रहीं, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। इसके अलावा शहर के स्कूल और कॉलेज भी बंद रखे गए, जिससे जनजीवन लगभग ठहर सा गया।


कचहरी परिसर मे प्रदर्शन करते नजर आए वकील, जमकर की नारेबाजी

सुबह से ही वकील कचहरी परिसर और शहर के विभिन्न इलाकों में धरना-प्रदर्शन करते नजर आए। अधिवक्ताओं ने “बेंच नहीं तो वोट नहीं” जैसे नारों के साथ सरकार पर अपनी मांगों को अनदेखा करने का आरोप लगाया। कचहरी परिसर के सभी गेटों पर वकीलों ने बैठकर बंद को सफल बनाने की अपील की और रजिस्ट्री कार्यालय समेत सभी न्यायालयों में कामकाज पूरी तरह ठप करा दिया।


आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन, वकीलों के बीच पहुंचे सपा विधायक

इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। सपा के किठौर विधायक और पूर्व मंत्री एडवोकेट शाहिद मंजूर ने आंदोलन में पहुंचकर कहा कि वह स्वयं मेरठ बार के सदस्य हैं और यह गर्व की बात है कि मेरठ बार के पदाधिकारियों में पूर्व प्रधानमंत्री तक शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरठ से शुरू हुआ कोई भी आंदोलन भले ही छह महीने में सफल हो, लेकिन अंततः उसे मंजिल जरूर मिलती है। इसके लिए आंदोलन को जनता से जोड़ना बेहद जरूरी है।


विधायक अतुल प्रधान बोले- वकीलों का आंदोलन बना जनआंदोलन

मेरठ हाईकोर्ट बेंच आंदोलन में सपा विधायक अतुल प्रधान, सपा विधायक रफीक अंसारी के अलावा कांग्रेस और आजाद समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ। सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि आज वकीलों का आंदोलन जनआंदोलन बन चुका है। पूरा मेरठ बंद है, लेकिन यह बंद सिर्फ मेरठ तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी यूपी के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी यूपी के लोगों को अपने मामलों के लिए प्रयागराज जैसे दूरस्थ स्थानों पर बार-बार जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। यदि मेरठ में हाईकोर्ट बेंच स्थापित होती है तो इससे किसानों, मजदूरों और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि जनहित को देखते हुए जल्द से जल्द हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की जाए।


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