'आग के गोलों के बीच करतब' देख सीएम योगी भी खुद को नहीं रोक पाए, बजाने लगे तालियां

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 17 Dec 2025, 11:42 am
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यूपी की राजधानी लखनऊ में बुधवार को पीएसी का 78वां स्थापना दिवस कार्यक्रम मनाया गया। इस दौरान कार्यक्रम में सीएम योगी शामिल हुए। कार्यक्रम में पीएसी के जवानों ने गजब के करतब दिखाए। यह देख योगी खुद को रोक नहीं पाए और खुश होकर तालियां बजाने लगे।

लखनऊ में प्रांतीय आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (पीएसी) अपना 78वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह के साथ मना रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 35वीं वाहिनी पहुंचे और परेड की सलामी ली। कार्यक्रम की शुरुआत पीएसी जवानों के अद्भुत करतबों के प्रदर्शन से हुई। जवानों ने महज दो सेकेंड में पिरामिड बना दी तो तीन सेकेंड में ही कमल की आकृति बना दी। यह सब करतब दिखाकर उन्होंने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन करतबों को देख दर्शकों ने तालियों की बौछार कर दी। वहीं सीएम योगी भी खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने भी जमकर तालियां बजाईं।


जवानों ने कई तरह के कठिन योगासन भी बेहद कम समय में किए और आग के गोलों के बीच साहस भरे करतब दिखाए। इन रोमांचक प्रस्तुतियों को देखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार तालियां बजाते नजर आए। उन्होंने कहा कि पीएसी के जवान केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद मजबूत हैं और जरूरत पड़ने पर आतंकियों से भी लोहा लेने की क्षमता रखते हैं। स्थापना दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट जवानों, सर्वोत्तम वाहिनी, सर्वश्रेष्ठ बाढ़ राहत दल, उत्कृष्ट खिलाड़ी, बेस्ट पुलिस मॉडर्न स्कूल और मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।


चुनाव हों या कोई संवेदनशील मौका, पीएसी ने संभाला मोर्चा

मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कहा कि चाहे चुनाव हों या कोई संवेदनशील मोर्चा, हर स्थिति में पीएसी बल ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पीएसी के खेल बजट को पहले के 70 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया है, ताकि जवानों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकें। पीएसी में सुधार की दिशा में ए, बी और सी ग्रेड प्रणाली लागू की जा रही है। अब तक 41,698 आरक्षियों की भर्ती की जा चुकी है, जबकि सेवा के दौरान शहीद या दिवंगत हुए जवानों के 376 आश्रितों को सेवायोजन प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि पीएसी में पदोन्नति के अधिक अवसर देने के लिए पदों में वृद्धि की गई है। पुलिस कल्याण योजना के तहत 31 पुलिस स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही जवानों को रोजमर्रा का सामान बाजार से कम दामों पर उपलब्ध कराने के लिए 13 कैंटीनें भी चलाई जा रही हैं।


सीएम योगी आदित्यनाथ ने याद किया पीएसी का इतिहास

मुख्यमंत्री ने पीएसी के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए कायराना आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब पीएसी की 30वीं वाहिनी के जवानों ने दिया था। इसी तरह जुलाई 2005 में अयोध्या में हुए आतंकी हमले में भी पीएसी जवानों ने आतंकियों को मार गिराया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने पीएसी की 46 कंपनियों को पुनर्जीवित कर प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था सुनिश्चित की है और तकनीकी रूप से बल को और मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने 78 वर्षों के शौर्य, त्याग और समर्पण के लिए पीएसी को हार्दिक बधाई दी।


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