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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 03 Feb 2026, 12:45 pm
नोएडा। बजट सत्र के पांचवें दिन लोकसभा की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। सदन सुबह 11 बजे शुरू हुआ, लेकिन विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी के कारण महज आठ मिनट में ही स्थगित करना पड़ा। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी और केवल 13 मिनट के भीतर फिर से सदन को स्थगित करना पड़ा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से नारेबाजी रोकने की अपील करते हुए कहा कि यह संसदीय नियमों के खिलाफ है। लगातार गतिरोध को देखते हुए स्पीकर ने कांग्रेस और भाजपा सांसदों के साथ बैठक भी की, ताकि आगे की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके।
हंगामे के कारण दो बार स्थगित हुई कार्यवाही
सदन में विपक्षी सांसदों के विरोध और नारेबाजी के कारण सामान्य कार्यवाही संभव नहीं हो सकी। स्पीकर द्वारा बार-बार अनुरोध के बावजूद विपक्ष शांत नहीं हुआ, जिसके चलते पहले सदन को 12 बजे तक और फिर दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा। उधर, संसद परिसर में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पार्टी सांसदों से बातचीत की, लेकिन मीडिया के सवालों से बचते हुए वहां से निकल गए। वहीं, संसद परिसर में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल की मुलाकात ने अलग ही तस्वीर पेश की, जहां दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर सौहार्द का संदेश दिया। इसके बीच राजनीतिक खींचतान जारी रही।
ट्रेड डील पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने
इधर, अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को लेकर भी सियासत तेज रही। एनडीए की संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया गया, जहां केंद्रीय मंत्री किरेण रिजिजू ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताया। दूसरी ओर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस डील को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना है कि समझौते की घोषणा अमेरिका की ओर से हुई, जिससे सरकार की स्थिति कमजोर दिखती है। रिजिजू ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी की वजह से संसद की सार्थक बहस प्रभावित हो रही है और कई सांसदों को बोलने का मौका नहीं मिल पा रहा।
मूर्ति विवाद और अन्य मुद्दों पर भी प्रदर्शन जारी
संसद परिसर में समाजवादी पार्टी के सांसदों ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास कार्य के दौरान महारानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को नुकसान पहुंचने के विरोध में प्रदर्शन किया। सांसदों ने इसे सांस्कृतिक विरासत का अपमान बताते हुए सरकार से जवाब मांगा। दूसरी ओर, सरकार का दावा है कि भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव के कारण विकसित देश भारत के साथ आर्थिक साझेदारी बढ़ाना चाहते हैं, जिसका फायदा आम जनता को मिलेगा। इन मुद्दों के बीच संसद का माहौल लगातार गर्म बना हुआ है और आने वाले दिनों में भी सियासी टकराव जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।