अमौसी एयरपोर्ट पर पकड़ी गई साढ़े 14 करोड़ की ड्रग्स, बैंकाक से लखनऊ आए यात्री के बैग में मिला हाइड्रोपोनिक गांजा

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 18 Apr 2026, 12:16 pm
news-banner

लखनऊ एयरपोर्ट पर 14.5 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ। बैंकॉक से आए यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया है। 29 पैकेट में छिपाकर मादक पदार्थ लाया गया था। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसियां अब तस्करी नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हैं।

लखनऊ। चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए एक यात्री को भारी मात्रा में हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) के साथ गिरफ्तार किया गया। बरामद मादक पदार्थ का वजन 14.504 किलोग्राम बताया जा रहा है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 14.50 करोड़ रुपए आंकी गई है। आरोपी यात्री ओमान एयरलाइंस की फ्लाइट से बैंकॉक से मस्कट होते हुए लखनऊ पहुंचा था। ग्रीन चैनल पर संदेह के आधार पर उसे रोका गया और उसके सामान की गहन जांच की गई, जिसमें यह बड़ी बरामदगी हुई।


खुफिया सूचना पर टीम ने किया ऑपरेशन
अधिकारियों के अनुसार, खुफिया सूचना मिलने के बाद एआईयू और सीसीएसआई की टीम ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। शुक्रवार सुबह करीब 8:20 बजे यात्री एयरपोर्ट पर उतरा था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर टीम ने उसे ग्रीन चैनल पर रोक लिया। इसके बाद उसके बैग की गहन जांच की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ। यह कार्रवाई पहले से मिली सूचना के आधार पर पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई थी, जिससे एक बड़े तस्करी नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।


29 पैकेट में छिपाकर लाया गया था गांजा
जांच के दौरान यात्री के बैग से 29 पारदर्शी वैक्यूम-पैक पाउच बरामद हुए। इन पाउच में हरे रंग का फूलनुमा पदार्थ मिला, जिसकी प्राथमिक जांच में इसे गांजा/मारिजुआना (हाइड्रोपोनिक वीड) होने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने बताया कि तस्कर इस तरह के पैकिंग का इस्तेमाल गंध छिपाने और जांच एजेंसियों से बचने के लिए करते हैं। बरामदगी के बाद पूरे माल को जब्त कर लिया गया और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।


एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई, नेटवर्क की जांच जारी
अधिकारियों ने बरामद मादक पदार्थ को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 43 के तहत जब्त कर लिया है। आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस अब इस तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस मामले के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय गिरोह तो नहीं जुड़ा है।

advertisement image