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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 17 Apr 2026, 06:32 pm
प्रयागराज में शुक्रवार को प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव सिर्फ मुसलमानों को वोट बैंक के रूप में देखते हैं और धर्म के आधार पर आरक्षण की बात कर रहे हैं, जबकि संविधान में इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब फर्जी PDA और तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।
“इतनी चिंता है तो मुस्लिम महिलाओं को टिकट दें”—सीधा चुनौती भरा बयान
डिप्टी सीएम ने कहा कि अगर अखिलेश यादव को सच में मुस्लिम समाज की चिंता है, तो वह अपनी पार्टी से ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम महिलाओं को चुनाव में टिकट दें। उन्होंने यह भी कहा कि केवल बयानबाजी करने से कुछ नहीं होगा, बल्कि जमीन पर काम दिखाना होगा। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं, जबकि सरकार सबको साथ लेकर चलने की नीति पर काम कर रही है। उनके इस बयान को राजनीतिक गलियारों में सीधी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।
महिला आरक्षण पर मोदी सरकार की मंशा, विपक्ष को दी चेतावनी
महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने Narendra Modi सरकार की मंशा साफ की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आने वाले चुनावों में महिलाओं को पूरा अधिकार दिलाना है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि इस कानून का विरोध न करें। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर कांग्रेस इसका विरोध करती है, तो देश की महिलाएं ही उसे जवाब देंगी। उन्होंने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा बदलाव बताया।
कानून व्यवस्था पर सख्ती, नोएडा विवाद और बंगाल चुनाव पर भी बोले
डिप्टी सीएम ने नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि मामले में उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने उद्यमियों और श्रमिकों दोनों के हितों की रक्षा का भरोसा दिलाया। इसके अलावा पश्चिम बंगाल को लेकर उन्होंने दावा किया कि वहां आने वाले समय में भाजपा पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। उनके इस बयान ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।