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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 08 Apr 2026, 12:35 pm
राजधानी लखनऊ से एक ऐसी खबर आई है जिसने सुरक्षा व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। आशियाना थाना क्षेत्र में एक 13 साल की मासूम बच्ची के साथ वहशीपन की सारी हदें पार कर दी गईं। मंगलवार की रात जब आसमान से आंधी और बारिश का कहर बरस रहा था, तब एक निर्माणाधीन मकान के भीतर पांच लड़के इस मासूम की जिंदगी को नर्क बनाने में जुटे थे। पीड़ित किशोरी मूल रूप से कन्नौज की रहने वाली है और यहां अपने परिवार के साथ किराए पर रहती है। उसकी मां घरों में काम करती हैं, लेकिन उस दिन मां की तबीयत खराब थी, इसलिए अपनी मां का हाथ बंटाने के लिए यह बच्ची खुद काम पर गई थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर लौटते वक्त रास्ते में मौत से भी बदतर मंजर उसका इंतजार कर रहा होगा।
अंधेरे का फायदा उठाकर दरिंदों ने बंधक बनाकर किया गैंगरेप
मंगलवार की शाम करीब साढे़ आठ बजे जब बच्ची काम खत्म कर घर की ओर लौट रही थी, तभी मौसम अचानक खराब हो गया। तेज हवाओं और बारिश से बचने के लिए उसने पास के ही एक निर्माणाधीन मकान में शरण ली। भाई के मुताबिक, यहीं पर 17 साल के एक नाबालिग आरोपी ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर उसे दबोच लिया। इन दरिंदों ने न सिर्फ उसके हाथ-पैर बांधे, बल्कि उसके साथ बुरी तरह मारपीट भी की ताकि वह शोर न मचा सके। इसके बाद मुख्य आरोपी ने उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया, जबकि उसके दोस्त पहरा देते रहे और इस घिनौने कृत्य में उसका साथ दिया। काफी देर तक जब बच्ची घर नहीं पहुंची, तो परेशान परिजन उसकी तलाश में निकले। रास्ते में निर्माणाधीन मकान से कुछ संदिग्ध आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद भाई और अन्य लोग अंदर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्ची वहां बेसुध और बदहवास हालत में पड़ी थी।
परिजनों की बहादुरी से पकड़े गए पांचों आरोपी, पुलिस ने किया अरेस्ट
परिजनों को देखते ही आरोपियों में भगदड़ मच गई। अंधेरे का फायदा उठाकर वे भागने की कोशिश करने लगे, दो आरोपी तो पकड़े जाने के डर से छत से ही कूद गए, जिससे उन्हें चोटें भी आई हैं। लेकिन परिजनों और शोर सुनकर जुटे मोहल्ले वालों ने हिम्मत दिखाई और पांचों आरोपियों को चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। पुलिस को तुरंत इसकी सूचना दी गई और कंट्रोल रूम के जरिए पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल, बच्ची को गंभीर हालत में लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। डीसीपी मध्य विक्रांत वीर ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटा लिए हैं और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी बच्ची का परिचित था। पुलिस ने सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।