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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 13 Dec 2025, 07:39 pm
बरेली जिले के भोजीपुरा क्षेत्र में एक निकाह समारोह को लेकर विवाद सामने आया है। बहावी मत को मानने वाले ताहिर अली ने अपनी बेटी की शादी के अवसर पर हिंदू समाज के लोगों को दावत पर आमंत्रित किया था। इस बात से स्थानीय सुन्नी जमात के कुछ लोग नाराज हो गए। आरोप है कि कुछ मौलानाओं ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से फतवा जारी कर सुन्नी समाज के लोगों को दावत में शामिल होने से रोक दिया, जिसके चलते ताहिर अली को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
ताहिर अली भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर जाटान के निवासी हैं। उनकी बेटी फिजा का निकाह तीन दिसंबर को तय था। शादी से पहले एक दिसंबर को उन्होंने हिंदू समाज के लोगों के लिए दावत का आयोजन किया। इसके बाद दो दिसंबर को मुस्लिम समाज के लिए दावत रखी गई थी और इसके लिए बड़े पैमाने पर भोजन तैयार कराया गया। इसी आयोजन को लेकर कुछ मौलानाओं और कट्टरपंथी सोच रखने वाले लोगों ने आपत्ति जताई।
ताहिर अली का आरोप है कि कुछ मौलानाओं ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हुआ है, जिसमें 50 से 60 लोग जुड़े हैं। इसी ग्रुप के जरिए उन्होंने फतवा जारी किया और सुन्नी समाज के लोगों से कहा गया कि वे ताहिर अली के यहां दावत में शामिल न हों। ताहिर का यह भी कहना है कि उन पर दबाव बनाया गया कि वे हिंदू मेहमानों के भोजन को लेकर आपत्तिजनक बातें मानें, जिसे उन्होंने साफ इनकार कर दिया।
पीड़ित का कहना है कि फतवे के कारण मुस्लिम समाज के अधिकतर लोग दावत में नहीं पहुंचे। नतीजतन, बड़ी मात्रा में तैयार किया गया भोजन बिना उपयोग के रह गया और उन्हें करीब छह लाख रुपये का नुकसान हुआ। ताहिर अली ने इस पूरे मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य से की है और उचित कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भोजीपुरा के प्रभारी निरीक्षक को जांच के आदेश दिए हैं। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और तथ्यों के सामने आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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