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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 12 Dec 2025, 06:09 pm
संभल हिंसा में दंगाइयों द्वारा पुलिस पर फेंके गए ईंट-पत्थरों से तैयार की गई दीपा सराय पुलिस चौकी अब पूरी तरह बनकर तैयार हो गई है। शुक्रवार को इसका उद्घाटन हवन-पूजन के साथ किया गया। कार्यक्रम में दो पंडितों ने विधिविधान से पूजा कराई और सीओ कुलदीप कुमार यजमान बने। चौकी को गुब्बारों से सजाया गया था। यह चौकी सपा सांसद जिया उर्रहमान बर्क और हिंसा के मास्टरमाइंड व फरार गैंगस्टर शारिक साठा के घर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसका निर्माण 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के बाद 4 मार्च 2025 को शुरू हुआ था। मुस्लिम बच्ची इनाया ने नींव की पहली ईंट रखी थी, और लगभग 9 महीने 13 दिन बाद चौकी तैयार हो गई।
दो मंजिला इस चौकी में जल्द ही कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा और इसे पूरी तरह CCTV कैमरों से लैस किया गया है। इससे पहले संभल जामा मस्जिद के पास सत्यव्रत चौकी बनाई गई थी, जहां 24 घंटे पुलिस तैनात रहती है। इनाया ने कहा कि चौकी बनने से लोगों को सुरक्षा का अहसास होगा और अपराध कम होंगे। सीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि यह इलाका लंबे समय से हिस्ट्रीशीटर अपराधियों का गढ़ रहा है, इसलिए यहां पुलिस चौकी अत्यंत आवश्यक थी। उन्होंने बताया कि हिंसा में फेंके गए पत्थरों को भी चौकी निर्माण में शामिल किया गया है, ताकि अपराध की याद भविष्य में सबक बन सके।
चौकी की नींव रखने वाली छात्रा जुनेरा बोली- अपराध नियंत्रण में मिलेगी मदद
उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल सेकेंड क्लास की छात्रा जुनेरा ने कहा कि चौकी सुरक्षा बढ़ाने में बड़ा कदम है और इससे अपराधों पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि पिछले एक साल में 35 चौकियों के निर्माण का प्रस्ताव था और दीपा सराय चौकी उसी क्रम में बनाई गई है। यह क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील होने के कारण यहां की जनता की सुरक्षा और छोटी समस्याओं के समाधान को ध्यान में रखते हुए चौकी का निर्माण कराया गया है। डीएम ने बताया कि यह चौकी रेगुलेटेड बजट में बनाई गई है और लोग इसे लेकर काफी संतुष्ट और सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
नवंबर 2024 हुआ था दंगा, संवेदनशील इलाके में बनाई गई पुलिस चौकी
एसपी के.के. विश्नोई ने बताया कि नवंबर 2024 की हिंसा के बाद यह जरूरी समझा गया कि उन इलाकों में स्थायी पुलिस चौकियां हों, जहां दंगाई सक्रिय थे। इसलिए दीपा सराय चौकी को रणनीतिक स्थान पर बनाया गया है। इस चौकी के निर्माण में कुल 52 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई थी। पहले यहां केवल एक छोटी टपरी थी, जिसे हटाकर आधुनिक चौकी तैयार की गई है।
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