Curated By:
Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 04 Jan 2026, 10:57 am
लोक गायिका नेहा सिंह राठौर शनिवार को अपने पति के साथ हजरतगंज थाने पहुंचीं, जहां उनसे जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के मामले में बयान दर्ज किया गया। नेहा करीब चार घंटे तक थाने में रहीं, जिसके बाद वह वहां से लौटीं। उनके खिलाफ 27 अप्रैल को हुई आतंकी घटना को लेकर कथित आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप है, जिसे लेकर पहले ही उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज हुआ मुकदमा
गुडंबा वुडलैंड पैराडाइज निवासी कवि अभय प्रताप सिंह उर्फ अभय सिंह निर्भीक ने हजरतगंज थाने में नेहा सिंह राठौर के खिलाफ तहरीर देकर मामला दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नेहा सिंह ने सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणियां और वीडियो साझा किए, जिससे राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। तहरीर में यह भी कहा गया कि पोस्ट के जरिए धर्म और जाति के आधार पर एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ भड़काने का प्रयास किया गया, जिससे आपसी सौहार्द और शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया था और जांच शुरू की थी।
पाकिस्तान में वायरल हुए बयान, देशविरोधी होने का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को लेकर सवाल उठाए और ऐसी बातें कहीं, जिससे दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ सकता है। आरोप है कि नेहा के बयान पाकिस्तान में तेजी से वायरल हुए और वहां की मीडिया में उनकी टिप्पणियों को भारत के खिलाफ प्रचार के रूप में इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि संकट की इस घड़ी में इस तरह की बयानबाजी से न सिर्फ देश की छवि को ठेस पहुंची, बल्कि कवि समाज और पूरे देश के मान-सम्मान को भी नुकसान हुआ।
नोटिस के बाद थाने पहुंचीं नेहा, पुलिस की चुप्पी
केस दर्ज होने के बाद हजरतगंज पुलिस ने नेहा सिंह राठौर को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शनिवार रात नेहा अपने पति के साथ थाने पहुंचीं, जहां उनसे मामले को लेकर विस्तार से पूछताछ की गई। सूत्रों का यह भी कहना है कि पूछताछ के दौरान नेहा को महिला थाने में रखा गया। हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कुछ भी कहने से बचते नजर आए। फिलहाल पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें- एक तरफ नए साल का जश्न, दूसरी तरह हैवानियत, किशोर के साथ जो हुआ, जानकर दंग रह जाएंगे आप!