विदेश भागने की फिराक में था कफ सिरप तस्कर, पुलिस पहुंच गई एयरपोर्ट, फिर जो हुआ, जानकर आप कहेंगे- बढ़िया

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 30 Nov 2025, 04:13 pm
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उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में अवैध रूप से कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लखनऊ पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पुलिस ने एक बड़े तस्कर को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। आइये पूरा मामला जानते हैं।

यूपी में कफ सिरप की तस्करी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल को सोनभद्र पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वह कोलकाता से थाईलैंड के लिए फ्लाइट पकड़ने वाला था और वहां से सिंगापुर जाने की योजना बना रहा था। इसी बीच उसे एयरपोर्ट से ही गिरफ्तार कर लिया गया है। भोला जायसवाल शैली ट्रेडर्स का मालिक है। उसकी फर्म झारखंड के रांची में संचालित हैं। वह यूपी में क्षमता से अधिक कोडीनयुक्त माल भेजता था। इसी मामले में उसे दबोचा गया है।


पुलिस के मुताबिक सोनभद्र में कोडीनयुक्त सिरप के बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है। यह खुलासा औषधि निरीक्षक राजेश कुमार मौर्य की तरफ से कराई गई जांच में हुआ है। यहां दो मेडिकल स्टोर मेसर्स मां कृपा मेडिकल व मेसर्स शिविक्षा फार्मा सगे भाइयों की तरफ से संचालित किए जा रहे थे। जांच के दौरान उनकी संदिग्ध भूमिका सामने आई थी। पता चला कि रांची स्थित फर्म शैली ट्रेडर्स ने इन दोनों दुकानों को कुल 7,53,000 शीशियां यानी 7.53 करोड़ एमएल कोडीनयुक्त सिरप सप्लाई की थी। यह मात्रा सामान्य बिक्री क्षमता से कई गुना अधिक है और दुकान पर इसके वास्तविक भंडारण या बिक्री का कोई प्रमाण भी नहीं मिला।

 

लखनऊ पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सोनभद्र में दर्ज हुई FIR

मामले की गंभीरता देखते हुए शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल और दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि मुख्यालय लखनऊ से निर्देश मिलने पर औषधि निरीक्षक 25 नवंबर को बरकरा तालाब स्थित दोनों फर्मों की जांच के लिए पहुंचे। वहां दुकानें बंद मिलीं और मकान मालिकों व पड़ोसियों ने बताया कि ये दुकानों महीनों से नहीं खुली थीं।


अवैध रूप से सप्लाई की जा रही थी कोडीनयुक्त कफ सिरप

इसके बाद दुकान मालिक की तरफ से भेजी गई चाबी से दुकानों को खोला गया। अंदर न कोई दवा का स्टॉक मिला, न लाइसेंस की प्रतियां और न रजिस्टर मिला। पूरी दुकान खाली पाई गई, जिससे साफ हुआ कि कोडीनयुक्त सिरप की खरीद सिर्फ कागजों में दिखाई गई थी और असल में इसे अवैध रूप से कहीं और सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस अब भोला जायसवाल से पूछताछ कर तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाने में जुटी है।


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