नाबालिग लड़कियों के अंडाणु बेचते थे मां-बेटे, गरीब बच्चियों को फंसाकर एजेंट से लेते थे मोटा पैसा, पुलिस ने दबोचा

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 11 Feb 2026, 01:06 pm
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प्रयागराज में नाबालिग लड़कियों को लालच देकर उनके अंडाणु निकालने वाले रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मां-बेटे समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अब तक इस गिरोह के कई सदस्यों को जेल भेजा जा चुका है।

प्रयागराज में नाबालिग लड़कियों को लालच देकर उनके अंडाणु (ओवा एक्सट्रैक्शन) निकालकर बेचने के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े एक मां-बेटे को गिरफ्तार किया है, जो मामले के सामने आने के बाद से फरार चल रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी गरीब और कमजोर परिवारों की नाबालिग लड़कियों को पैसे, मोबाइल और नौकरी का झांसा देकर एजेंटों तक पहुंचाते थे।


लालच देकर लड़कियों को एजेंटों तक पहुंचाया जाता था
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गांवों की गरीब लड़कियों को महंगे मोबाइल फोन, नकद रकम और नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने संपर्क में लेते थे। इसके बाद उन्हें आईवीएफ सेंटर से जुड़े एजेंटों के पास भेज दिया जाता था। वहां गिरोह के अन्य सदस्य लड़कियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें बालिग और विवाहित दिखाते थे। पुलिस ने पुराना फाफामऊ निवासी रवि और उसकी मां संगीता देवी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों ने कई लड़कियों को एजेंटों तक पहुंचाने की बात कबूल की है।


पहले भी कई आरोपी जा चुके हैं जेल
इस मामले में पहले ही चार महिलाओं और एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। आरोप है कि गिरोह ने एक नाबालिग लड़की को आईफोन और नकद रकम का लालच देकर आईवीएफ सेंटर पहुंचाया, जहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसका ओवा एक्सट्रैक्शन कराया गया। पीड़िता की मां की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।


फर्जी दस्तावेज और एजेंटों का नेटवर्क सामने आया
जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य फर्जी आधार कार्ड और कंसेंट दस्तावेज तैयार कराते थे। इसके बाद आईवीएफ सेंटर में प्रक्रिया कराई जाती थी। पुलिस के मुताबिक, एक लड़की को लाने पर एजेंटों को 30 से 35 हजार रुपये तक का कमीशन मिलता था। इसी लालच में यह गोरखधंधा चल रहा था।


तीन एंगल से जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितनी नाबालिग लड़कियां इस रैकेट का शिकार हुईं। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि कहीं इसके पीछे अन्य आपराधिक नेटवर्क तो सक्रिय नहीं हैं। बाल कल्याण समिति ने पीड़ित लड़की को सुरक्षित स्थान पर रखकर बयान दर्ज कराए हैं और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।


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