प्रयागराज में बिजली विभाग के SDO रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 11 Feb 2026, 05:58 pm
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प्रयागराज में बिजली विभाग के एसडीओ को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मीटर और बिजली बिल ठीक कराने के नाम पर रकम मांगी गई थी। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।

प्रयागराज में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने बिजली विभाग के एक एसडीओ को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी मीटर और बिजली बिल से जुड़ी समस्या ठीक कराने के बदले रकम मांग रहा था। पीड़ित की शिकायत पर टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की और बुधवार दोपहर आरोपी को उसके खुसरो बाग स्थित कार्यालय से पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद अधिकारी को खुल्दाबाद थाने ले जाया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया और लोगों में भी चर्चा का विषय बन गया।


शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने बिछाया जाल
जानकारी के मुताबिक खुल्दाबाद निवासी जितेंद्र कुमार बिजली बिल और कनेक्शन की समस्या से परेशान थे। उन्होंने विभाग में शिकायत की तो एसडीओ संजीव श्रीवास्तव ने मीटर सही कराने और जुर्माने से राहत दिलाने के बदले 10 हजार रुपए की मांग की। परेशान होकर जितेंद्र ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। इसके बाद टीम ने पूरी योजना बनाकर शिकायतकर्ता को निर्देश दिए कि तय समय पर रकम लेकर अधिकारी के कार्यालय पहुंचे। जैसे ही बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे जितेंद्र ने रुपए एसडीओ को दिए, पहले से मौजूद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अधिकारी को पकड़ लिया और मौके से आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए।


पहले भी विवादों में रह चुके हैं आरोपी अधिकारी
खुल्दाबाद थाना पुलिस के अनुसार एंटी करप्शन टीम आरोपी को सीधे थाने लेकर पहुंची, जहां उसके बयान दर्ज किए गए और आगे की कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और जल्द ही उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जाएगा। जांच में यह भी सामने आया कि करीब डेढ़ साल पहले वाराणसी में तैनाती के दौरान भी संजीव श्रीवास्तव निलंबित हो चुके हैं। आरोपी मूल रूप से गाजीपुर जिले के पीरनगर क्षेत्र का रहने वाला है। इस कार्रवाई के बाद विभागीय कामकाज और अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।


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