राजू दास बोले- नीतीश कुमार ने कुछ गलत नहीं किया, शिक्षण संस्थानों में भी हिजाब पर प्रतिबंध जरूरी

Curated By: Shiv Vishwakarma | Hindi Now Uttar Pradesh • 18 Dec 2025, 06:23 pm
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अयोध्या के महंत राजू दास बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने कुछ गलत नहीं किया। शिक्षण संस्थानों में भी हिजाब पर बैन लगना चाहिए। आइए उनका पूरा बयान जानते हैं।

उत्तर प्रदेश के बहराइच में बृहस्पतिवार को हिंदू सेवा सुरक्षा संघ की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ महंत राजू दास भी शामिल हुए। बैठक के दौरान उन्होंने हिजाब को लेकर चल रहे विवाद पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का समर्थन करते हुए कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री ने कोई गलत कदम नहीं उठाया है। महंत राजू दास ने कहा कि यदि किसी को सरकारी नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र लेना है, तो उसे नियमों का पालन करना चाहिए। उनके अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान हिजाब पहनने को लेकर आपत्ति जताना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के कुछ मामलों में हिजाब पहनने वालों के घरों से हथियार बरामद होने की खबरें सामने आई हैं। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि लाल किले पर हुए बम धमाके में शामिल लोग डॉक्टर निकले थे और उन्हें सहयोग देने वाले भी डॉक्टर थे। ऐसे संदर्भों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पहचान के उद्देश्य से हिजाब हटवाने में कोई अनुचित बात नहीं है।


महंत राजू दास ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला की पहचान सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया था। उन्होंने देश के शिक्षण संस्थानों में समानता की बात करते हुए कहा कि वहां किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी रखी। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के मंदिरों को तोड़ने और निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले आक्रांताओं के नाम पर किसी भी प्रकार के धार्मिक स्थल को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, बाबर के नाम पर बनी मस्जिद को मान्यता देना उचित नहीं है।


महंत राजू दास ने यह भी कहा कि यदि मुस्लिम समाज अपने धर्म के किसी महापुरुष के नाम पर मस्जिद का निर्माण करता है तो उन्हें उससे कोई आपत्ति नहीं है और वे सहयोग के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने आक्रांताओं के नाम पर बने धार्मिक स्थलों का विरोध किया। इसी संदर्भ में उन्होंने नगर में स्थित सैय्यद सालार मसूद गाजी की दरगाह को भी आक्रांता की मजार बताते हुए हटाने की मांग की। बैठक में मनीष पांडे, देशराज वर्मा, शुभम मिश्रा सहित बड़ी संख्या में संघ के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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