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Shiv Vishwakarma |
Hindi Now Uttar Pradesh • 29 Nov 2025, 05:47 pm
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के बयान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मदनी का बयान समाज में विभाजन पैदा करने वाला है और इससे देश में भ्रम और तनाव बढ़ सकता है। रजवी ने साफ किया कि न सिर्फ सुप्रीम कोर्ट, बल्कि देश की सभी अदालतों पर मुसलमानों का पूरा भरोसा है। संसद भी जनता के हितों के लिए काम करती है और हर सरकार संविधान के दायरे में रहकर जनकल्याण को प्राथमिकता देती है। इसलिए किसी भी संस्था या सरकार पर अविश्वास फैलाना ठीक नहीं है।
मदनी के बयान भड़काऊ, उनसे दूर रहें युवा
शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि भारत के मुसलमान सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का सम्मान करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे। ऐसे में महमूद मदनी का बयान समुदाय को भड़काने वाला और देश के शांतिपूर्ण माहौल के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मदनी जानबूझकर अमन-चैन को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। रजवी ने कहा कि मुसलमानों को ऐसे भड़काऊ और विवादित बयानों से दूर रहना चाहिए और समाज को बांटने वाली किसी भी बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
मदनी बोले- हमारे मजहब की तौहीन हो रही
मौलाना महमूद मदनी ने भोपाल में जमीयत उलमा-ए-हिंद की बैठक में एक भाषण दिया था। इसमें उन्होंने ‘जिहाद’ शब्द के दुरुपयोग और मुसलमानों के प्रति बढ़ती नकारात्मक धारणाओं पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि ‘जिहाद’ को गाली की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है और मजहब की तौहीन बढ़ रही है। मदनी ने यह भी आरोप लगाया कि बाबरी मस्जिद, तीन तलाक और अन्य मामलों के फैसलों के बाद ऐसा महसूस होता है कि अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही हैं।
मदनी के बयान मुसलमानों को गुमराह करने वाले
इसी बयान पर मौलाना रजवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे वक्त में जब देश में शांति और सौहार्द का माहौल है, इस तरह के आरोप न सिर्फ गलत हैं बल्कि समुदाय को गुमराह करने वाले भी हैं। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे कानून, संविधान और देश की संस्थाओं पर भरोसा बनाए रखें और किसी भी उकसाने वाली बात से दूरी बनाकर रखें।
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