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shivup |
Hindi Now Uttar Pradesh • 06 May 2026, 07:31 pm
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की राजनीति में इस समय जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं हो पाई है, जबकि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। तमिलगा वेट्टरी कजगम के प्रमुख विजय ने बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन बहुमत का आंकड़ा पूरा न होने से शपथ ग्रहण समारोह टलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद राजनीतिक माहौल गर्म है और कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं।
तमिलनाडु में बहुमत जुटाने में लगी विजय की पार्टी
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करने वाली विजय की पार्टी को सरकार बनाने के लिए अभी भी कुछ विधायकों के समर्थन की जरूरत है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने 113 विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा है, जबकि बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। कांग्रेस ने समर्थन का ऐलान कर दिया है, लेकिन वाम दलों और कुछ अन्य सहयोगी दलों ने दूरी बना ली है। इसी बीच पार्टी ने अपने सभी नवनिर्वाचित विधायकों को महाबलीपुरम के एक रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि एआईएडीएमके के कुछ विधायक भी समर्थन दे सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो तमिलनाडु में पहली बार डीएमके और एआईएडीएमके से अलग कोई नई पार्टी सरकार बनाती नजर आएगी। राज्यपाल ने भी विजय से बहुमत साबित करने के लिए अतिरिक्त समर्थन पत्र पेश करने को कहा है।
बंगाल में भाजपा की तैयारी, हिंसा से बढ़ी चिंता
पश्चिम बंगाल में भाजपा की बड़ी जीत के बाद पार्टी कार्यालयों में जश्न का माहौल है। प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बताया कि 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। भाजपा ने इस चुनाव में अनुसूचित जाति और जनजाति सीटों पर भी बड़ी बढ़त हासिल की है। दूसरी तरफ चुनाव परिणाम आने के बाद कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। भाजपा और टीएमसी दोनों ने अपने कार्यकर्ताओं की हत्या के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया है और कई मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि हालात नियंत्रण में हैं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
राजनीतिक बयानबाजी से और गर्म हुआ माहौल
चुनाव नतीजों के बाद दोनों राज्यों में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बंगाल में टीएमसी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा नेताओं ने इसे जनता के बदलाव का जनादेश बताया है। तमिलनाडु में भी कांग्रेस और डीएमके के बीच समर्थन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन दोनों राज्यों की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
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