सभी जिलाधिकारियों को योगी सरकार का सख्त निर्देश, जल जीवन मिशन में खोदी गई सड़क और गढ्ढों को तुरंत भरे, लापरवाही बर्दाशत नहीं

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 02 May 2026, 04:54 pm
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल जीवन मिशन के तहत खुदाई कार्यों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर गड्ढों को तुरंत भरवाने और दोषी ठेकेदारों पर जुर्माना व ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल जीवन मिशन के कामों में लापरवाही को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि मिशन के तहत जहां भी पाइपलाइन या अन्य कार्यों के लिए खुदाई की जाए, वहां सुरक्षा के सभी मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही काम पूरा होते ही खोदी गई सड़कों और गड्ढों को तुरंत भरने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश सरकार लगातार ग्रामीण और शहरी इलाकों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए काम कर रही है और जल जीवन मिशन के जरिए करोड़ों लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। ऐसे में अधूरे काम या खराब व्यवस्था से आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।


जिलाधिकारी करेंगे स्थलीय निरीक्षण
मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार अब सभी जिलों में जिलाधिकारी, जल जीवन मिशन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागीय टीम खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जहां भी सड़कें खोदी गई हैं या गड्ढे बने हुए हैं, उन्हें जल्द से जल्द ठीक कराया जाए। सरकार का मानना है कि कई जगह खुदाई के बाद लंबे समय तक सड़कें खराब पड़ी रहती हैं, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत होती है और हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि काम की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाए।


लापरवाही करने वाले ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जो कार्यदायी संस्थाएं या ठेकेदार समय पर काम पूरा नहीं करेंगे या अधूरा छोड़ेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में जुर्माना लगाने के साथ-साथ ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। सरकार का कहना है कि विकास कार्यों में देरी या लापरवाही की वजह से जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि जल समाधान पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। खासतौर पर जलापूर्ति, पाइपलाइन लीकेज और खुदाई से जुड़ी शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने को कहा गया है।


टोल फ्री नंबर पर दर्ज करा सकते हैं शिकायत
सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। जल जीवन मिशन के तहत पानी की आपूर्ति, मरम्मत या खुदाई से जुड़ी किसी भी समस्या की शिकायत 18001212164 नंबर पर दर्ज कराई जा सकती है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अब तक करीब ढाई करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को नल से जल कनेक्शन दिया जा चुका है। विंध्य और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में लगभग शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का दावा किया गया है। सरकार का कहना है कि हर घर तक साफ पानी पहुंचाने का अभियान तेजी से चलाया जा रहा है।


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