9 और 10 मई को होगा UPESSC प्रवक्ता भर्ती परीक्षा, 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एग्जाम, अभ्यर्थी बोले- निगेटिव मार्किंग नहीं

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 09 May 2026, 01:36 pm
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उत्तर प्रदेश में PGT भर्ती परीक्षा चार साल बाद शुरू हुई। 17 जिलों के 319 केंद्रों पर 4.64 लाख अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। AI कैमरों और OMR स्कैनिंग से परीक्षा की निगरानी की जा रही है।

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की प्रवक्ता (PGT) भर्ती परीक्षा शुक्रवार से शुरू हो गई। प्रदेश के 17 जिलों में बनाए गए 319 परीक्षा केंद्रों पर 18 विषयों के 624 पदों के लिए कुल 4,64,605 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा 9 और 10 मई को दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगी। लंबे इंतजार के बाद परीक्षा शुरू होने से अभ्यर्थियों में उत्साह देखने को मिला। आयोग ने इस बार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए हाईटेक इंतजाम किए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों को AI युक्त CCTV कैमरों से लैस किया गया है, जिन्हें प्रयागराज स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से जोड़ा गया है। आयोग AI तकनीक के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहा है। परीक्षा केंद्रों पर सघन जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।


AI निगरानी और OMR स्कैनिंग से बढ़ी पारदर्शिता

आयोग ने पहली बार पायलट प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर नई व्यवस्था लागू की। परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षार्थियों और कक्ष निरीक्षकों की मौजूदगी में OMR शीट स्कैन की गई। इस डेटा का भविष्य में मूल OMR शीट से मिलान किया जाएगा। सफल रहने पर इसे आगे की सभी परीक्षाओं में लागू किया जा सकता है। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान पूरी तरह प्रतिबंधित रहे। मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज समेत कई शहरों में अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक जांच, आधार सत्यापन और सघन चेकिंग की गई। महिलाओं के लिए अलग जांच कक्ष बनाए गए थे। आयोग ने स्पष्ट किया कि अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों पर सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से अफवाहों से बचने और सिर्फ आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी लेने की अपील की है।


अभ्यर्थियों ने बताया कठिन लेकिन बेहतर रहा पेपर

पहली पाली की परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को संतुलित लेकिन कठिन बताया। प्रयागराज के अभ्यर्थी संतोष चौरसिया ने कहा कि इतिहास का पेपर उम्मीद से ज्यादा थ्योरी आधारित था और इसमें गहरी समझ की जरूरत थी। वहीं गोरखपुर में परीक्षार्थियों ने कहा कि इस बार कांसेप्ट बेस्ड प्रश्न पूछे गए, जिससे योग्य अभ्यर्थियों का चयन संभव होगा। कई छात्रों ने इस बात पर खुशी जताई कि परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं थी। वाराणसी, अयोध्या और मेरठ समेत सभी जिलों में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। चार साल बाद भर्ती परीक्षा होने से अभ्यर्थियों ने आयोग से भविष्य में समय पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की उम्मीद जताई है।


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