बनारस में यूपीएससी स्टूडेंट से बहुत बड़ा फ्रॉड, खाते से निकलवा लिया 25 करोड़ का लोन, धोखाधड़ी का तरीका जान हर कोई दंग

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 14 Feb 2026, 02:05 pm
news-banner

वाराणसी के यूपीएससी छात्र के खाते से साइबर ठगों ने 25 करोड़ रुपये का फर्जी लोन दिखाकर बड़ा फ्रॉड कर दिया। पैन कार्ड का दुरुपयोग कर बैंक खाता बदला गया। साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वाराणसी के रहने वाले एक यूपीएससी अभ्यर्थी के बैंक खाते से साइबर ठगों द्वारा करीब 25 करोड़ रुपये का फर्जी लोन निकालने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। छात्र का सेविंग अकाउंट आईसीआईसीआई बैंक में था, जिसे ठगों ने पैन कार्ड का दुरुपयोग कर करंट अकाउंट में बदल दिया और फर्जी फर्म के नाम पर भारी रकम का निगेटिव लियन दर्ज कर दिया। घटना की जानकारी तब हुई जब छात्र का छोटा सा ऑनलाइन पेमेंट भी फेल हो गया। इसके बाद परिवार ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस जांच शुरू कर चुकी है।


लाइब्रेरी फीस जमा करते समय खुला फ्रॉड का राज

पीड़ित छात्र अनुराग मिश्रा इन दिनों लखनऊ में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 17 जनवरी को वह नई दिल्ली के करोल बाग इलाके में लाइब्रेरी की फीस ऑनलाइन जमा कर रहे थे, लेकिन बार-बार पेमेंट फेल हो रहा था। जब उन्होंने मोबाइल बैंकिंग से अकाउंट चेक किया तो खाते में लगभग 25.59 करोड़ रुपये का निगेटिव लियन दर्ज दिखा। इसके बाद उन्होंने बैंक कस्टमर केयर से संपर्क किया और शाखा पहुंचने पर पता चला कि उनके नाम पर फर्जी करंट अकाउंट खोलकर लोन जैसी एंट्री दिखाई गई है।


फर्जी कंपनी दिखाकर लिया गया लोन

जांच के दौरान पता चला कि ठगों ने छात्र के पैन कार्ड का इस्तेमाल कर ‘उत्तरा इंटरप्राइजेज’ नाम से फर्जी कंपनी दिखाते हुए करंट अकाउंट संचालित किया। इसी खाते के माध्यम से बड़ी रकम का लेन-देन दर्शाया गया। छात्र के पिता कमलेश कुमार ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उनके बेटे ने न तो कोई कंपनी खोली और न ही करंट अकाउंट के लिए आवेदन किया। ऐसे में बैंकिंग प्रक्रिया में भी लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड, जीएसटी पंजीकरण और संदिग्ध खातों की जांच में जुटी है।


साइबर पुलिस ने शुरू की जांच, नेटवर्क खंगालने की तैयारी

परिजनों की शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच एजेंसियां अब इस फ्रॉड के पीछे सक्रिय गिरोह, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों और बैंकिंग प्रक्रिया में हुई संभावित चूक की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। यह मामला साइबर ठगी के बढ़ते खतरे और डिजिटल पहचान की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।


यह भी पढ़ें- BREAKING: लखनऊ-काशी समेत यूपी की 5 अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी, मच गया हड़कंप, लोगों की एंट्री पर बैन, पुलिस कर रही छानबीन

advertisement image