छत्तीसगढ़ में वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से अब तक 19 की मौत, मृतकों को 35-35 लाख मुआवजे का एलान

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 15 Apr 2026, 05:00 pm
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छत्तीसगढ़ के सक्ती में वेदांता प्लांट ब्लास्ट में 19 मजदूरों की मौत हो गई। 36 घायल हैं। सरकार और कंपनी ने मुआवजे का ऐलान किया है, जांच जारी है।

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसा मंगलवार दोपहर हुआ, जब अचानक बॉयलर फटने से प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर ही 4 मजदूरों की जान चली गई, जबकि 13 ने रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में दम तोड़ा और 2 की मौत रायपुर के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। मृतकों में 4 छत्तीसगढ़ के हैं, जबकि बाकी यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मजदूर शामिल हैं।


36 मजदूर झुलसे, कई की हालत गंभीर

इस हादसे में कुल 36 मजदूर झुलस गए, जिनमें से 18 का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। कुछ घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। रायगढ़ के अस्पतालों के अलावा रायपुर में भी घायलों का इलाज चल रहा है। हादसे के बाद प्लांट के बाहर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और मुआवजे के साथ जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि कुछ मजदूर अभी भी लापता हैं और उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही है।


मुआवजे का ऐलान, जांच के आदेश

हादसे के बाद वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं।


सियासी बयानबाजी तेज, सख्त कार्रवाई के संकेत

घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है। वहीं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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