CM योगी की मां पर टिप्पणी करने वाला मौलाना बुरा फंसा, अब UP के 83 थानों में FIR दर्ज!

Curated By: shivup | Hindi Now Uttar Pradesh • 09 Mar 2026, 12:41 pm
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जरा सोचिए कितनी हैरानी की बात है। योगी पर नहीं योगी की मां पर मौलाना ने जो कहा वो सारी हदों को पार करने वाला है। लेकिन अब वही मौलाना चारों तरफ से घिर चुका है।

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर की गई एक कथित टिप्पणी के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक मौलाना द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद प्रदेश के कई जिलों में शिकायतें और एफआईआर दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है। इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।


वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद

बताया जा रहा है कि एक वायरल वीडियो में मौलाना अब्दुल्लाह सलीम उत्तर प्रदेश में लागू कुछ कानूनों की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते दिखाई देते हैं। इसी दौरान उनके द्वारा दिया गया एक उदाहरण विवाद का कारण बन गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई लोगों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए नाराजगी जाहिर की। कुछ संगठनों और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग भी की।


कई जिलों में दर्ज हुई शिकायतें

विवाद बढ़ने के बाद प्रदेश के अलग-अलग जिलों में इस मामले को लेकर शिकायतें दर्ज कराई गईं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई थानों में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।


रवि किशन ने जताई नाराज़गी

गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारतीय संस्कृति में मां को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है और किसी भी व्यक्ति की मां के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी सम्मान और मर्यादा बनाए रखना बेहद जरूरी है। उनके इस बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।


अपर्णा यादव की भी प्रतिक्रिया

इस विवाद में भाजपा नेता अपर्णा यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हर धर्म और समाज में मां का स्थान बहुत ऊंचा माना जाता है। ऐसे में किसी भी मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में बोलते समय सभी को संयम और जिम्मेदारी का ध्यान रखना चाहिए।


लखनऊ में विरोध प्रदर्शन

विवाद के बाद लखनऊ में कुछ संगठनों और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया। हजरतगंज इलाके में लोगों ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस तरह की टिप्पणियां समाज में तनाव पैदा कर सकती हैं, इसलिए प्रशासन को मामले में उचित कदम उठाना चाहिए।


प्रशासन की जांच जारी

फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता और उसके संदर्भ की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे विवाद ने प्रदेश की राजनीति में बहस को तेज कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।  - आशीष शुक्ला, सह-संपादक की रिपोर्ट।


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