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Hindi Now Uttar Pradesh • 13 Jan 2026, 12:54 pm
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए मकर संक्रांति के अवसर पर सरकारी अवकाश घोषित कर दिया है। यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति को राजकीय स्तर पर अवकाश का दर्जा मिला है। हालांकि मकर संक्रांति देश के हर कोने में किसी न किसी नाम से सदियों से मनाई जाती रही है, लेकिन अब तक इसे उत्तर प्रदेश में आधिकारिक सरकारी छुट्टी का दर्जा नहीं मिला था। योगी सरकार के इस फैसले को संस्कृति, आस्था और परंपरा को सम्मान देने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन अनुभाग की तरफ से इसका शासनादेश जारी कर दिया गया है। इसके मुताबिक पहले 14 जनवरी 2026 (बुधवार) को निर्बंधित अवकाश घोषित था। अब उसे बदलकर 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को अवकाश घोषित किया गया है। यह सार्वजनिक अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 के तहत घोषित किया गया है। इस निर्णय के साथ ही राज्य सरकार ने पहले जारी अवकाश सूची में संशोधन भी कर दिया है।
आस्था और परंपरा को मिली सरकारी मान्यता
मकर संक्रांति को लोग कहीं खिचड़ी, कहीं पोंगल, कहीं उत्तरायण तो कहीं भोगी के रूप में मनाते हैं। इसे एक बड़े त्योहार के रूप में लोग मनाते हैं और उनकी बड़ी श्रद्धा, भक्ति और आस्था दिखती है। इसको लेकर योगी सरकार ने राजकीय अवकाश घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से साफ है कि अब भारतीय पर्वों और सनातन परंपराओं को केवल सामाजिक नहीं बल्कि प्रशासनिक सम्मान भी मिल रहा है।
खिचड़ी की छुट्टी होने पर जनता में खुशी की लहर
सरकारी अवकाश की घोषणा के बाद कर्मचारियों, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक संगठनों और आम जनता में खुशी की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर इसे “योगी का मास्टरस्ट्रोक” बताया जा रहा है। योगी सरकार की अपनी स्पष्ट नीति से लोगों को खुश कर दिया है। योगी आदित्यनाथ सरकार पहले भी दीपावली, रामनवमी, काशी विश्वनाथ और अयोध्या राम मंदिर जैसे धार्मिक-सांस्कृतिक विषयों पर स्पष्ट और निर्णायक कदम उठा चुकी है। अब मकर संक्रांति पर सरकारी अवकाश की घोषणा उसी श्रृंखला की एक और कड़ी मानी जा रही है।
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